रील के चक्कर में ट्रेन पर बरसाए पत्थर, कैमरे ने खोला चेहरा: बिहार में 5 दिन में 134 धराए

बिहार में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के बढ़ते मामलों के खिलाफ रेलवे पुलिस ने विशेष अभियान तेज कर दिया है. 12 जिलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है और पांच दिनों में 134 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

रील के चक्कर में ट्रेन पर बरसाए पत्थर, कैमरे ने खोला चेहरा: बिहार में 5 दिन में 134 धराए

Bihar News: सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने की सनक अब रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती दिखाई दे रही है. बिहार में चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को देखते हुए रेलवे पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है. पुलिस मुख्यालय ने राज्य के 12 जिलों को ऐसी घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना है.

इन 12 जिलों पर पुलिस की विशेष नजर

ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर पटना, भोजपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, बेतिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नालंदा, सारण, गया, वैशाली और नवादा को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है. इन इलाकों में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) निगरानी के साथ जागरूकता अभियान भी चला रही है. एडीजी रेल के निर्देश पर चलाए गए अभियान में महज पांच दिनों के भीतर 134 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 34 नाबालिग बताए गए हैं. पुलिस ऐसे स्थानों की भी पहचान कर रही है, जहां ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं बार-बार सामने आई हैं.

आधुनिक ट्रेनें बन रहीं निशाना

पुलिस की समीक्षा में सामने आया है कि वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों को भी पत्थरबाजी का निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि आधुनिक ट्रेनों में लगे कैमरे आरोपितों की पहचान में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में करीब 68 प्रतिशत की पहचान ट्रेन में लगे कैमरों की मदद से हुई. पूछताछ के दौरान कई आरोपितों ने रील बनाने, वीडियो रिकॉर्ड करने या दोस्तों के साथ मनोरंजन के उद्देश्य से पत्थर फेंकने की बात कही. पुलिस का मानना है कि ऐसी गतिविधि को सामान्य शरारत नहीं माना जा सकता. चलती ट्रेन पर फेंका गया पत्थर खिड़की तोड़ने के साथ किसी यात्री को गंभीर रूप से घायल कर सकता है.

अप्रैल और वीकेंड को ज्यादा मामले

समीक्षा रिपोर्ट में अप्रैल के दौरान ऐसी घटनाएं अधिक दर्ज होने की बात सामने आई है. वहीं गुरुवार, शनिवार और रविवार को भी पत्थरबाजी के मामलों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा देखी गई.ट्रेनों पर पत्थर फेंकने के मामलों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालने से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया कंटेंट के लिए यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा. संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को इसके कानूनी परिणाम भी बताए जा रहे हैं.