बगहा में गंडक की बाढ़ से बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी, ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर लोग

गंडक नदी में बढ़े जलस्तर से बगहा और वाल्मीकिनगर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. घरों में पानी घुसने के बाद प्रभावित परिवार ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं और राहत की मांग कर रहे हैं.

बगहा में गंडक की बाढ़ से बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी, ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर लोग

बगहा (BAGHA): गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने बगहा और वाल्मीकिनगर के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गंभीर कर दिया है. सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की रिपोर्ट सामने आई. इसके बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने लगा. बगहा के कैलाश नगर, दीनदयाल नगर, रत्नमाला और पावर हाउस के आसपास के कई वार्ड बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं. सैकड़ों घरों तक पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

सड़क पर पानी, कई इलाकों का संपर्क प्रभावित

बाढ़ का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है. बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग के कई हिस्सों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है. बगहा अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों के निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं. प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की जरूरत बढ़ गई है. बगहा-2 के रामपुर धरवनिया टोला समेत कई बस्तियों में पानी घरों तक पहुंच गया है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार चूल्हे डूब गए हैं और राशन तथा घरेलू सामान भी पानी में भीग गया है. कुछ परिवारों का कहना है कि बाढ़ के कारण वे भोजन तक नहीं बना पा रहे हैं.

खरवा टोला के लोगों ने मदद नहीं मिलने की कही बात

वाल्मीकिनगर के खरवा टोला में प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासनिक सहायता नहीं पहुंचने की शिकायत की है. स्थानीय निवासी रमाकांत शाह के मुताबिक लोग पशुओं के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं. पानी और मच्छरों के कारण परेशानी लगातार बढ़ रही है. माना देवी ने बताया कि उनका परिवार करीब 24 घंटे से कठिन परिस्थितियों में है और बच्चों के भोजन की समस्या खड़ी हो गई है. उनका कहना है कि परिवार घर में ऊंचा मचान बनाकर रह रहा है और मदद का इंतजार कर रहा है. वहीं मुख्तार बिन के अनुसार तड़के करीब चार बजे से घरों में पानी प्रवेश करना शुरू हुआ. उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद नहीं मिलने की शिकायत करते हुए जल्द राहत पहुंचाने की मांग की.

गंडक के बढ़ते डिस्चार्ज से चिंता

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. 27 सितंबर को बराज पर डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा था और अगले दिन 5.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की रिपोर्ट आई. ऐसे में बगहा और आसपास के निचले इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.