फ़िल्म देखकर पिता की हत्या,2000 KM दूर से आया बेटा और कुल्हाड़ी से कर दिया खत्म,ऐसे खुला राज  

समस्तीपुर में एक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया. पुलिस के मुताबिक, एक बेटे ने फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर अपने ही पिता की हत्या की साजिश रची. करीब 2000 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत से ट्रेन पकड़कर वह अपने गांव पहुंचा और घर के दरवाजे पर सो रहे पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी

फ़िल्म देखकर पिता की हत्या,2000 KM दूर से आया बेटा और कुल्हाड़ी से कर दिया खत्म,ऐसे खुला राज

 

TNPDESK: जब कोई फिल्म की कहानी रियल लाइफ में दिखने लगे तो फिर इसका अंत हमेशा खौफनाक होता है. कुछ ऐसा ही समस्तीपुर में देखने को मिला. अजय देवगन की फिल्म देख कर एक युवक ने अपने पिता की हत्या कर दी. लेकिन आखिर कार एक गलती हुई और फिर सलाखों के पीछे पहुँच गया. समस्तीपुर पुलिस ने हत्यारे बेटे को सूरत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. लेकिन इस बीच पूछताछ में जो खुलासे हुए है वह चौकाने वाले है.   

समस्तीपुर में एक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया. पुलिस के मुताबिक, एक बेटे ने फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर अपने ही पिता की हत्या की साजिश रची. करीब 2000 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत से ट्रेन पकड़कर वह अपने गांव पहुंचा और घर के दरवाजे पर सो रहे पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में ही वापस सूरत लौट गया. उसे लगा कि फिल्म की तरह पुलिस को भी कोई सुराग नहीं मिलेगा, लेकिन मोबाइल फोन ऑन करने की एक छोटी-सी गलती ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया.

मामला समस्तीपुर के हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव का है. 26 जुलाई की देर रात रघुवीर सहनी अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे. इसी दौरान उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई. आरोपी ने घर में रखी कुल्हाड़ी से उनके सिर पर कई वार किए और वारदात के बाद हथियार को घर में ही छोड़कर फरार हो गया.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के किसी करीबी ने की है. इसके बाद मृतक के परिवार और करीबियों की गतिविधियों की जांच शुरू की गई. तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस की शक की सुई मृतक के बेटे शिव शंकर पर जाकर टिक गई. पुलिस के अनुसार, शिव शंकर का अपने पिता से जमीन बेचने को लेकर विवाद था. पिता कथित तौर पर बेटे और बहू को गाली देते थे. इसी विवाद के चलते शिव शंकर अपनी पत्नी के साथ सूरत जाकर रहने लगा था.

पुलिस का दावा है कि सूरत में रहने के दौरान शिव शंकर ने फिल्म ‘दृश्यम’ देखी और उसी से प्रभावित होकर पिता की हत्या की योजना बनाई. साजिश को अंजाम देने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया, ताकि उसकी लोकेशन पुलिस को न मिल सके. पुलिस के मुताबिक, शिव शंकर सूरत से ट्रेन के जरिए पहले पटना पहुंचा. इसके बाद हाजीपुर से ऑटो पकड़कर पटोरी स्टेशन पहुंचा.

वहां से ऑटो के जरिए जोरपुरा गया और फिर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर रात करीब 12 बजे अपने घर पहुंचा. बताया गया कि आरोपी पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ. इसके बाद कोठरी से कुल्हाड़ी निकाली और घर के बाहर सो रहे पिता रघुवीर सहनी पर हमला कर दिया. सिर पर कई वार किए जाने से उनकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी उसी रात पटोरी स्टेशन की ओर वापस निकल गया. लेकिन यहां उसकी फिल्मी प्लानिंग में एक बड़ी चूक हो गई.

पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल बंद रखने वाला आरोपी पटोरी स्टेशन पहुंचते ही अपना मोबाइल फोन ऑन कर बैठा. उसने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की और बातचीत के बाद मोबाइल फिर बंद कर दिया. यही कुछ देर का मोबाइल कनेक्शन पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया.

तकनीकी जांच में हत्या वाली रात मोबाइल की लोकेशन पटोरी स्टेशन पर मिली. इसके करीब 36 घंटे बाद यही मोबाइल सूरत में एक्टिव मिला. पुलिस ने पटोरी स्टेशन पर मोबाइल ऑन रहने के दौरान हुई बातचीत और कॉल डिटेल को खंगालना शुरू किया. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शिव शंकर को सूरत से गिरफ्तार किया गया.

पुलिस के मुताबिक, पिता की हत्या के बाद आरोपी उनके श्राद्ध कर्म में भी शामिल नहीं हुआ था, जिससे उस पर शक और गहरा गया.

यानी जिस फिल्मी कहानी से प्रेरित होकर आरोपी ने पुलिस को चकमा देने की साजिश रची थी, उसी साजिश में मोबाइल फोन ने सबसे बड़ा राज खोल दिया. पुलिस के मुताबिक, कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन करना आरोपी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई और करीब 2000 किलोमीटर दूर सूरत से समस्तीपुर पहुंचकर की गई हत्या की कथित साजिश का खुलासा हो गया.