जमुई की घटना के विरोध में पटना में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से की इस्तीफे की मांग
जमुई में छात्रा के साथ कथित छेड़खानी की घटना के विरोध में पटना में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया. पार्टी नेताओं ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की.
पटन(PATNA): बिहार के जमुई में छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और उसके साथी के साथ मारपीट की घटना को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है. पटना में बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाए. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगा.
युवा कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
युवा कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर्याप्त कदम नहीं उठा पा रही है. प्रदर्शनकारियों ने जमुई की घटना का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जिला मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था.जमुई की घटना सामने आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हुई हैं. वायरल वीडियो में एक छात्रा और उसके साथी के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है.
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
पटना में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेता विशाल यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जमुई की घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. युवा कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री से घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की कि जमुई मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय दिलाया जाए.
पुलिस ने गठित की SIT
जमुई मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए SIT का गठन किया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया था और अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है. मामला POCSO Act समेत संबंधित कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.