TNP डेस्क : भारत के युवाओं के लिए शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, Artificial Intelligence (AI) skills और career opportunities तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू हो गई है. YellowDots Talent Digital Public Infrastructure (Talent DPI) को अब देशभर के युवाओं के लिए LIVE कर दिया गया है. इसका मतलब है कि बिहार सहित देश के किसी भी राज्य और जिले का युवा इस digital platform के जरिए मुफ्त में coaching, personal AI tutor और AI proficiency certificate जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा. Ghaziabad और Visakhapatnam में pilot phase के बाद YellowDots को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया है. इस पहल की खास बात यह है कि महंगी coaching और बड़े शहरों तक सीमित educational opportunities की बाधा को कम करने का प्रयास किया गया है. बिहार जैसे राज्यों के छात्रों के लिए यह पहल खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां बड़ी संख्या में युवा UPSC, BPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, CUET और अन्य competitive examinations की तैयारी करते हैं.
गांधी जयंती पर हुई शुरुआत
YellowDots को गांधी जयंती के अवसर पर mySATHI Foundation, Career Launcher, FERMI और IIT खड़गपुर के consortium ने लॉन्च किया. EkStep Foundation इस परियोजना को guide और shape कर रहा है.
इस digital platform पर फिलहाल तीन प्रमुख सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई गई हैं.
इस पहल को Digital Public Infrastructure के माध्यम से education और employment opportunities को ज्यादा व्यापक और समान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.

बिहार के युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है YellowDots?
बिहार लंबे समय से competitive examinations की तैयारी के लिए देश के प्रमुख राज्यों में शामिल रहा है. पटना के अलावा गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, आरा, बेगूसराय, सहरसा और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. हालांकि, सभी छात्रों के लिए महंगे coaching institutes, व्यक्तिगत mentors और आधुनिक AI-based learning tools तक पहुंच आसान नहीं होती. ऐसे में YellowDots जैसी पहल का महत्व बढ़ जाता है. बिहार के किसी छोटे शहर या गांव में रहने वाला छात्र भी digital platform के जरिए structured preparation और AI-based learning support हासिल कर सकता है. इसके लिए उसे दिल्ली, पटना या किसी बड़े coaching hub में जाकर रहने की जरूरत जरूरी नहीं होगी.
मुफ्त coaching से competitive exam preparation को मिलेगा सहारा
YellowDots की पहली प्रमुख service competitive examinations की तैयारी से जुड़ी है. Career Launcher की structured exam-preparation expertise को इस platform के जरिए aspirants के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है.बिहार के छात्रों के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी हो सकती है. राज्य में हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा BPSC, UPSC, SSC, Banking, Railway, Defence और अन्य competitive examinations की तैयारी करते हैं. Digital platform के जरिए preparation material और structured learning support उपलब्ध होने से उन छात्रों को फायदा मिल सकता है जो coaching के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं कर पाते.
Personal AI Tutor बदलेगा पढ़ाई का तरीका
YellowDots की दूसरी बड़ी सुविधा Personal AI Tutor है. IIT खड़गपुर ने FERMI AI के सहयोग से National Digital Library of India के माध्यम से इस AI-based learning support को विकसित किया है. इसका उद्देश्य students को one-to-one learning support देना है. AI Tutor learner की गति और learning level के अनुसार खुद को adapt करने के लिए तैयार किया गया है. यानी छात्र अपनी जरूरत के हिसाब से concepts समझ सकता है, सवाल पूछ सकता है और learning support प्राप्त कर सकता है. बिहार के ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, क्योंकि हर छात्र के पास व्यक्तिगत शिक्षक या mentor उपलब्ध नहीं होता.
IIT खड़गपुर का AI Proficiency Certificate
YellowDots की तीसरी महत्वपूर्ण service AI Proficiency Certificate है. यह certificate IIT खड़गपुर द्वारा design और award किया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को AI के क्षेत्र में एक job-oriented credential उपलब्ध कराना है. AI का इस्तेमाल अब technology के अलावा banking, finance, education, media, healthcare, manufacturing, marketing और अन्य sectors में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में छात्रों के लिए AI skills हासिल करना employability के लिहाज से महत्वपूर्ण होता जा रहा है. बिहार के युवाओं के लिए यह certificate higher education और employment opportunities की दिशा में एक अतिरिक्त credential के रूप में उपयोगी हो सकता है.
पटना ही नहीं, बिहार के हर जिले तक पहुंच की संभावना
YellowDots का मूल विचार यह है कि किसी युवा की प्रतिभा उसके शहर, गांव या personal network तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. बिहार में पटना लंबे समय से competitive exam coaching का प्रमुख केंद्र रहा है. लेकिन राज्य के अन्य जिलों के छात्रों को अक्सर coaching, guidance और career opportunities के लिए पटना या दूसरे बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है. Talent DPI इस gap को कम करने का प्रयास करता है. अगर digital infrastructure के जरिए preparation, AI learning और career opportunities को सीधे छात्रों तक पहुंचाया जाता है, तो गया से लेकर किशनगंज और पश्चिमी चंपारण से लेकर भागलपुर तक के युवा इसका लाभ उठा सकते हैं.
“महत्वाकांक्षा की कीमत coaching नहीं होनी चाहिए”
mySATHI Foundation के Chairman और भारत सरकार के पूर्व Secretary, Higher Education R. Subrahmanyam ने कहा कि महत्वाकांक्षा की कीमत coaching नहीं होनी चाहिए.उनके अनुसार, जब preparation, tutor और credential सभी के लिए मुफ्त और खुले हों, तो Vizag या Ghaziabad का छात्र भी Delhi के छात्र के समान starting line से शुरुआत कर सकता है. यही public infrastructure की असली भूमिका है.यह विचार बिहार जैसे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों और higher education के अवसरों के लिए competitive examinations पर निर्भर रहते हैं.

Talent DPI को district-by-district विस्तार देने की तैयारी
YellowDots को केवल एक education app या coaching platform के रूप में नहीं देखा जा रहा है. इसे एक बड़े Talent DPI की शुरुआती पहल के रूप में विकसित करने की योजना है.इसका उद्देश्य ऐसे open digital rails तैयार करना है जिनके जरिए education, skills और employment से जुड़ी सेवाएं ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें. इस initiative को district administrations और local elected representatives के साथ मिलकर आगे बढ़ाने की योजना है. आने वाले समय में इसे district-by-district विस्तार देने की तैयारी है.अगर यह मॉडल बिहार में व्यापक स्तर पर लागू होता है, तो राज्य के 38 जिलों के छात्रों तक education और career-related digital services पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
EkStep Foundation ने बताया बड़ा digital gap
EkStep Foundation के Chief Growth Officer Gaurav Gupta ने कहा कि भारत में talent को aspirations और opportunities से जोड़ने के मामले में अभी भी बड़ा digital gap है. उन्होंने कहा कि YellowDots को BlueDots economy initiatives में से एक के रूप में LIVE किया गया है और CL Educate तथा mySATHI Foundation के साथ partnership के जरिए Talent DPI को आकार दिया जा रहा है.
AI proficiency को employability की नई जरूरत बताया
IIT खड़गपुर के Prof. Partha Pratim Chakrabarti के अनुसार, AI proficiency अब employability की एक बुनियादी आवश्यकता बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी certificate का महत्व तभी है जब वह rigorous हो और employers उस पर भरोसा करें. इसी को ध्यान में रखते हुए AI Proficiency Certificate तैयार किया गया है, ताकि देश के किसी भी जिले के छात्र तक यह सुविधा पहुंच सके.
Career Launcher की तीन दशक की Expertise
CL Educate के Founder और Chairman Satya Narayanan R के मुताबिक, Career Launcher अपनी करीब तीन दशक की test-preparation expertise को इस initiative के जरिए open public infrastructure पर उपलब्ध करा रहा है. उनका कहना है कि identity और payments के बाद talent वह तीसरी कड़ी है जिसकी कमी महसूस होती है. उनके अनुसार, coaching के क्षेत्र में तीन दशक के अनुभव को open public rails पर मुफ्त में उपलब्ध कराना इस initiative का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
Schools, colleges और CSR programmes भी कर सकेंगे इस्तेमाल
YellowDots की तीनों प्रमुख services नागरिकों के लिए मुफ्त हैं. इसके अलावा schools, colleges, universities, CSR programmes और education, skills तथा employment के क्षेत्र में काम करने वाले non-profit organisations भी अपने students और beneficiaries के लिए इन services का इस्तेमाल कर सकते हैं. बिहार में educational institutions, coaching ecosystems, universities और CSR organisations के लिए भी यह platform युवाओं को digital learning और AI skills से जोड़ने का एक नया माध्यम बन सकता है.
बिहार के युवाओं के लिए क्या बदलेगा?
YellowDots की सबसे बड़ी संभावित उपयोगिता यही है कि अवसरों का केंद्र केवल पटना या दिल्ली जैसे शहर न रहें. यदि कोई छात्र बिहार के किसी छोटे जिले या गांव में रहकर competitive exam की तैयारी कर रहा है, तो उसे अब digital infrastructure के जरिए coaching support, AI tutor और AI certification जैसे resources एक ही platform पर मिल सकते हैं. हालांकि, इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बिहार के युवाओं तक इसकी जानकारी कितनी तेजी से पहुंचती है, platform कितना user-friendly रहता है और आगे चलकर employment तथा career opportunities से इसका connection कितना मजबूत बनाया जाता है.
Talent DPI से आगे क्या उम्मीद?
YellowDots फिलहाल तीन services के साथ शुरू हुआ है, लेकिन consortium का लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है. भविष्य में इसी digital infrastructure पर education, skills, employment और talent discovery से जुड़ी कई अन्य services विकसित की जा सकती हैं. बिहार जैसे युवा आबादी वाले राज्य में अगर इस infrastructure को district-level institutions, colleges, schools और local administrations के साथ जोड़ा जाता है, तो यह लाखों युवाओं के लिए digital opportunity gateway बन सकता है.
यानी YellowDots का संदेश सीधा है, प्रतिभा चाहे पटना में हो, गया में, भागलपुर में, दरभंगा में या बिहार के किसी छोटे गांव में; digital infrastructure के जरिए उसे तैयारी, skills और opportunities से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. ज़्यादा जानकारी के लिए येलो डॉट्स के वेबसाइट को देख सकते है.
वेबसाइट: YellowDots.ai