पटना में 432 एकड़ लीज जमीन होगी फ्री-होल्ड? हजारों संपत्ति धारकों के लिए अहम फैसला

पटना नगर निगम की विशेष बैठक में नौ प्रमुख इलाकों की करीब 432 एकड़ पुरानी लीज संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. मंजूरी मिलने पर हजारों संपत्ति धारकों के लिए पूर्ण मालिकाना हक का रास्ता खुल सकता है.

पटना में 432 एकड़ लीज जमीन होगी फ्री-होल्ड? हजारों संपत्ति धारकों के लिए अहम फैसला

पटना (PATNA) : राजधानी पटना में दशकों से लीज पर आवंटित संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है. पटना नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में शहर के नौ प्रमुख क्षेत्रों में फैली करीब 432 एकड़ लीज भूमि को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाना है. प्रस्ताव आगे की सभी मंजूरियां हासिल करता है तो हजारों लोगों को अपनी संपत्ति पर पूर्ण मालिकाना अधिकार मिलने का रास्ता आसान हो सकता है.

नौ इलाकों की संपत्तियां प्रस्ताव में शामिल 

फ्री-होल्ड के दायरे में राजेंद्रनगर योजना संख्या-1 की 198 एकड़ भूमि शामिल है. इसके अलावा कंकड़बाग की PIT कॉलोनी की 5.50 एकड़, बुद्ध कॉलोनी के मौजा दुजरा की 27.70 एकड़ और चितकोहरा, मईचक, बेडर व हरनीचक की 18.03 एकड़ जमीन प्रस्ताव का हिस्सा है. दीघा में गंगा किनारे की 13 एकड़, मौर्यालोक व्यावसायिक परिसर की 7.21 एकड़, श्रीकृष्णापुरी आवासीय कॉलोनी की 64 एकड़, मीठापुर की 59.69 एकड़ और जकरियापुर की 38.94 एकड़ भूमि को भी इसमें शामिल किया गया है.

दशकों पुरानी लीज व्यवस्था से मिल सकती है राहत 

इनमें से कई संपत्तियां करीब छह दशक पहले पटना सुधार न्यास और बाद में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के माध्यम से लीज पर दी गई थीं. प्रशासनिक व्यवस्था बदलने के बावजूद बड़ी संख्या में संपत्तियां अब तक फ्री-होल्ड नहीं हुई हैं. इसके कारण संपत्ति धारकों को बिक्री, हस्तांतरण और दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाओं में व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. नई व्यवस्था लागू होने पर इन समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है.

10 और 12 प्रतिशत शुल्क का प्रस्ताव 

प्रस्ताव में फ्री-होल्ड शुल्क के लिए दो अलग दरों का प्रावधान किया गया है. मूल आवंटी को मौजूदा सर्किल रेट या एमबीआर का 10 प्रतिशत भुगतान करना पड़ सकता है. वहीं दूसरे आवंटी के मामले में यह शुल्क 12 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है. अगस्त 2024 में हाईकोर्ट ने फ्री-होल्ड प्रक्रिया में निगम की 50 प्रतिशत लाभांश की मांग को अवैध करार दिया था. इसके बाद नई शुल्क व्यवस्था तैयार करने की दिशा में पहल तेज हुई.

नगर निगम को मिल सकता है बड़ा प्रस्ताव 

फ्री-होल्ड नीति से नगर निगम की आमदनी भी बढ़ सकती है. अनुमान है कि पूरी प्रक्रिया से निगम को करीब 150 से 200 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है. हालांकि नगर निगम बोर्ड की मंजूरी के साथ प्रक्रिया पूरी नहीं होगी. प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा और कैबिनेट की स्वीकृति भी जरूरी होगी. अंतिम मंजूरी मिलने पर पटना की दशकों पुरानी लीज संपत्तियों के मालिकाना स्वरूप में बड़ा बदलाव संभव होगा.