टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कौन है यह बिहार का संतोष डॉन, जिसकी गिरफ्तारी के बाद बिहार एसटीएफ की हो रही है वाहवाही. बिहार पुलिस के लिए यह एक बहुत बड़ी कामयाबी कहीं जा रही है, जिस डॉन को आर्थिक अपराध इकाई नहीं खोज पा रही थी, उसे एसटीएफ ने धर दबोचा है. कहते है कि कुछ इलाकों में उसकी समानान्तर सरकार चलती थी. बिहार के बड़े भू-माफियाओं में से एक नालंदा जिले का कुख्यात अपराधी संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन को बिहार एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है.
2015 में जरायम की दुनिया में कदम रखने वाला संतोष डॉन देखते-देखते बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया था. संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मामले पटना जिले के खुसरूपुर थाने में दर्ज हैं. इसके अलावा फतुवा, नालंदा के थानों में भी उस पर केस दर्ज है. इन मामलों में आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला और जमीन कब्जा के मामले भी शामिल हैं. इससे पहले आर्थिक अपराध इकाई ने जून महीने में संतोष डॉन के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. कहा जाता है कि 25 ठिकानों पर एक्शन हुआ था, लेकिन वह हाथ नहीं आया था.
संतोष डॉन के बारे में कहा जाता है कि 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद बहुत ही कम समय में ही जमीन कब्जा और रंगदारी के बल पर बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया. इस साल जून के महीने में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने संतोष डॉन के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई की थी. दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ ईओयू की टीम ने संतोष डॉन के 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. जांच टीम ने पटना के खुसरूपुर, नालंदा और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में फैले उसके ठिकानों को खंगाला था. उसके पैतृक गांव रहुई के खिदरचक और पचासा स्थित आलीशान घरों और व्यावसायिक परिसरों की गहन तलाशी ली थी. इस महा-छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को बड़े पैमाने पर चल-अचल, बेनामी संपत्ति के पुख्ता सबूत हाथ लगे थे.

