Big Update : जमुई कांड में पीड़िता की फोटो पर बवाल, CM के खिलाफ थाने पहुंचीं मिशा भारती
जमुई मामले में पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर बिहार में सियासी विवाद बढ़ गया है. राजद सांसद मिशा भारती ने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है.
पटना (PATNA): बिहार में हाल के दिनों में महिलाओं और छात्राओं से जुड़ी घटनाओं को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज है. पुलिस ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी कर रही है. इसी बीच जमुई की घटना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाले 120 से अधिक सोशल मीडिया संचालकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी की ओर से सोशल मीडिया पर जमुई मामले की पीड़िता और उसके माता-पिता से मुलाकात की तस्वीर साझा किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है. इस तस्वीर को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं.
इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर लगातार निशाना साध रहे हैं. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल की लोकसभा सांसद मिशा भारती भी इस मामले को लेकर सचिवालय थाना पहुंचीं. उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. पत्रकारों से बातचीत में मिशा भारती ने दावा किया कि वह करीब डेढ़ घंटे से सचिवालय थाने में बैठी हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ दिनों के दौरान महिलाओं से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए वह सरकार के मुखिया और गृह मंत्री से जवाब चाहती हैं. उन्होंने सरकार के कुछ मंत्रियों के बयानों पर भी आपत्ति जताई.
मिशा भारती ने कहा कि वह खुद एक महिला हैं और उनकी दो बेटियां हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जमुई मामले की पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करना पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है. उनका कहना है कि यदि सोशल मीडिया पर वीडियो या अन्य सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है, तो पीड़िता की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक किए जाने के मामले में भी कानून के प्रावधानों को देखा जाना चाहिए. मिशा भारती ने कहा कि जब तक उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वह थाने से बाहर नहीं जाएंगी. इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.