पटना लाठीचार्ज पर विधानसभा में हंगामा, सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, सदन दोपहर 2 बजे तक स्थगित

पटना लाठीचार्ज पर विधानसभा में हंगामा, सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, सदन दोपहर 2 बजे तक स्थगित

पटना (PATNA) : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पटना में हुए छात्र आंदोलन और पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा. कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. बढ़ते हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है

सदन में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायक श्याम बाबू ने पटना में हुए प्रदर्शन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कल सड़क पर प्रदर्शन करने वाले लोग छात्र नहीं, बल्कि आंदोलनकारी थे. उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान उनके ऊपर और अन्य विधायकों पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती.

श्याम बाबू ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके अनुसार इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की

वहीं विपक्षी दलों ने इस मामले में सरकार को घेरते हुए छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया. विपक्ष के विधायकों ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया. विपक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

दोनों पक्षों के बीच लगातार बहस और नारेबाजी होती रही

सदन के भीतर दोनों पक्षों के बीच लगातार बहस और नारेबाजी होती रही. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी. बाद में बढ़ते हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

विपक्ष ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया

पटना में हुए छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. सत्ता पक्ष इसे कानून-व्यवस्था का मामला बता रहा है, जबकि विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है.