पटना (PATNA) : बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा पटना एयरपोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन और अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए क्योंकि वे अपनी इच्छाओं और समस्याओं को सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं.
अपनी बात किससे कहेगा
आशुतोष राणा ने कहा कि देश का युवा यदि अपने ही लोगों के सामने अपनी बात नहीं रख पाएगा तो फिर वह अपनी बात किससे कहेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों का अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है. इसे केवल विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह समझना चाहिए कि युवा चाहते हैं कि उनकी बात सुनी जाए.
छात्र अपनी बात रख रहे हैं
उन्होंने आंदोलन और क्रांति के बीच अंतर बताते हुए कहा कि आंदोलन एक निश्चित समय के लिए होता है जबकि क्रांति समाज में बड़े बदलाव का संकेत होती है. उनका कहना था कि छात्र अपनी बात रख रहे हैं, इसका मतलब यह है कि वे समाज और व्यवस्था को जगाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाए.
युवाओं की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए
आशुतोष राणा ने इस बात की तुलना परिवार से करते हुए कहा कि जिस तरह घर में बच्चे अपने अभिभावकों के सामने अपनी बात रखते हैं उसी तरह समाज और सरकार को भी युवाओं की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए. बड़े लोगों की जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी की भावनाओं और समस्याओं को समझें.
मर्यादा बनाए रखनी चाहिए
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत को लेकर पूछे गए सवाल पर आशुतोष राणा ने संयमित जवाब दिया. उन्होंने कहा, "शेर दहाड़ता है, हाथी चिंघाड़ता है और कुत्ता भौंकता है. हमारे यहां कहावत है कि अपनी बातों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, नहीं तो उसके नतीजे अलग होते हैं."
चयन सोच-समझकर करना चाहिए
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपनी भाषा और शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए. उनके इस बयान को छात्र आंदोलन और सार्वजनिक संवाद को लेकर संतुलित और सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

