उपेंद्र कुशवाहा का 'मास्टरस्ट्रोक'! बेटे की मंत्री कुर्सी बचाने के लिए BJP विधायक परिषद सीट खाली, अब MLC बने दीपक
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सांसद उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश की कुर्सी पूरी तरह से सेफ हो गई है. राज्यपाल ने उन्हें मनोनीत एमएलसी बना दिया है. इधर ,एमएलसी बनने के बाद उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा खुश हैं. अब तो उनका पूरा परिवार सेट हो गया.
tnp desk: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सांसद उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश की कुर्सी पूरी तरह से सेफ हो गई है. राज्यपाल ने उन्हें मनोनीत एमएलसी बना दिया है. इधर ,एमएलसी बनने के बाद उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा खुश हैं. अब तो उनका पूरा परिवार सेट हो गया. अपने बेटे का मंत्री पद सुरक्षित करने के लिए उन्हें कड़ी मिहनत करनी पड़ी. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इसके लिए भाजपा समेत एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं का आभार जताया है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एवं जीतन राम मांझी तक को धन्यवाद दिया है. दरअसल, किसी सदन का सदस्य नहीं होने की वजह से उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश की मंत्री वाली कुर्सी खतरे में पड़ गई थी. इसके बाद रणनीति शुरू हुई, दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाने की राजनीति में भाजपा के एमएलसी देवेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ा. उन्हीं की सीट पर दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया गया है. देवेश कुमार ने पिछले सप्ताह ही त्यागपत्र दे दिया था.
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के बिना विधायक या एमएलसी बने अब तक मंत्री पद पर बने रहने पर सवाल उठाए जा रहे थे. पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने भी बिहार की सम्राट चौधरी सरकार से इस बारे में सवाल किया था. इसके बाद बड़े ही नाटकीय अंदाज में भाजपा के एमएलसी देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उनकी जगह राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को मनोनीत कर विधान परिषद भेज दिया। दीपक प्रकाश का एमएलसी के रूप में कार्यकाल 16 मार्च 2027 तक रहेगा। बताया जाता है कि जून 2026 में बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर जब द्वि वार्षिक चुनाव हुए थे. उस समय उपेंद्र कुशवाहा भाजपा की मदद से अपने मंत्री बेटे को सदन भेजने की उम्मीद लगाए बैठे थे. एनडीए के 9 उम्मीदवारों में जब दीपक प्रकाश का नाम नहीं आया, तब उन्हें परेशानी हुई. उनके बेटे का मंत्री पद पर भी संकट बढ़ गया.
दीपक प्रकाश 7 मई को सम्राट कैबिनेट विस्तार के दौरान दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली थी. इससे पहले नवंबर 2025 में वह तत्कालीन नीतीश कुमार कैबिनेट में शामिल किए गए थे. उपेंद्र कुशवाहा खुद राज्यसभा सांसद हैं, उनकी पत्नी स्नेह लता कुशवाहा विधायक हैं और उनके बेटे दीपक प्रकाश बिहार सरकार में मंत्री और अब विधान परिषद के सदस्य हो गए हैं. बिहार विधान सभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के उम्मीदवार को बाजपट्टी, मधुबनी, सासाराम और दीनारा सीट से जीत मिली. बाजपट्टी में रामेश्वर कुमार महतो ने 3395 वोट से जीत हासिल की. उन्होंने राजद के मुकेश यादव को कड़े मुकाबले में हराया. मधुबनी में माधव आनंद को 20552 वोटों के अंतर से जीत मिली. सासाराम से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता ने 25000 के अधिक मार्जिन से और दिनारा में आलोक कुमार सिंह ने 10834 वोट से विपक्षी उम्मीदवार को हराया.