पटना (PATNA) : राजधानी पटना में पर्यटन विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाना है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जो बिहार के लिए सकारात्मक संकेत है.
पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके
मंत्री ने कहा कि सरकार बिहार को एक आकर्षक, सुरक्षित और सुलभ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है. पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उनका अनुभव यादगार बने.
कई योजनाओं को स्वीकृति मिली है
उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विभाग की कई योजनाओं को स्वीकृति मिली है. इसके अलावा मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 26 योजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है. इन योजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास होगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
मुख्यमंत्री होम स्टे योजना शुरू की गई है
केदार गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होम स्टे योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन का अनुभव मिलेगा, वहीं ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी.
श्रद्धालुओं को कोई की परेशानी न हो
उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दे रही है. इसी कड़ी में श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
मंत्री ने बताया कि मोकामा और तारापुर में पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है. सरकार का प्रयास है कि पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास हो, जिससे बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले.

