पटना की सड़क पर उतरे हजारों डाटा एंट्री ऑपरेटर, कहा 25 वर्षों से हो रहा हमारा शोषण
राजधानी पटना की सड़कें इन दिनों रणक्षेत्र की तरह प्रतीत हो रही हैं. दरअसल आए दिन किसी न किसी संगठन के द्वारा राजधानी की सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. एक बार फिर रविवार को बेल्ट्रॉन के माध्यम से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर पटना की सड़क पर उतरे
पटना (PATNA): राजधानी पटना की सड़कें इन दिनों रणक्षेत्र की तरह प्रतीत हो रही हैं. दरअसल आए दिन किसी न किसी संगठन के द्वारा राजधानी की सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. एक बार फिर रविवार को बेल्ट्रॉन के माध्यम से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर पटना की सड़क पर उतरे और उन्होंने राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग की. हजारों की संख्या में बेल्ट्रॉन के डाटा एंट्री ऑपरेटर गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास के लिए मार्च में निकले. हालांकि पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर पर बैरीकेड लगाकर रोक दिया. इस दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर काफी आक्रोश में दिखे और कहा कि हम लोग करीब 25 से 30 वर्षों से निजी एजेंसी के माध्यम से कम कर रहे हैं, जहां लगातार हमारा शोषण हो रहा है.
25 वर्षों से हो रहा हमारा शोषण
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिहार के विभिन्न सरकारी कार्यों में 25000 से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं जिनका लगातार शोषण हो रहा है. हम लोगों का वेतन काफी कम है और कार्यालयों में हम काम भी कम नहीं करते हैं. हमारी मांग है कि सरकार हमें राज्य कर्मी का दर्जा दे. हम लोग लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. अब हम लोग राज्यकर्मी का दर्जा लेकर रहेंगे.
करेंगे चरणबद्घ आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर इस मार्च के बाद सरकार हमारी बात नहीं मानती है तो फिर हम मजबूर होंगे और चरणबद्ध आंदोलन करेंगे. इसके लिए अगर हमें भूख हड़ताल पर भी बैठना पर तो हम पीछे नहीं हटेंगे. अभी पुलिस हमें बेकार में रोक रही है. हम अपना अधिकार मांगने जा रहे हैं ना कि कोई उपद्रव करने. पुलिस समय बेवजह ना रोके और आगे बढ़ने दे.
सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम
दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए भारी पुलिस बल्कि तैनाती की गई है राजधानी डाकबंगला चौराहा के पास भारी संख्या में पुलिस बल और वाटर कैनन की व्यवस्था की गई है. पुलिस ने सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की है.