बिहार में फिलहाल एक ही चर्चा : कौन होगा अगला डीजीपी, गुप्तेश्वर पांडे के बाद दूसरे ने लिया VRS, अब आगे क्या ? 

बिहार के डीजीपी विनय कुमार के VRS के बाद नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं. प्रीता वर्मा को फिलहाल कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी दी गई है.

बिहार में फिलहाल एक ही चर्चा : कौन होगा अगला डीजीपी, गुप्तेश्वर पांडे के बाद दूसरे ने लिया VRS, अब आगे क्या ?

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में डीजीपी रहते हुए गुप्तेश्वर पांडे ने VRS लिया था. अब बिहार के डीजीपी विनय कुमार के VRS के प्रस्ताव को गृह विभाग ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही उन्हें बिहार का नया मुख्य सूचना आयुक्त बनाने की अधिसूचना भी जारी हो गई हैं. विनय कुमार 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें दिसंबर 2024 में बिहार का डीजीपी बनाया गया था. उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक था. हालांकि कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्होंने VRS ले लिया. अब आगे वह बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे, 

सबसे अधिक चर्चा इन पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की है 

विनय कुमार के छुट्टी पर जाने के बाद सरकार ने प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार दिया है. प्रीता वर्मा भी 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. नए डीजीपी की नियुक्ति होने तक वह कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर काम करती रहेंगी. हालांकि विनय कुमार के VRS मंजूरी के बाद ही यह चर्चा छिड़ गई है कि बिहार का अगला डीजीपी कौन होगा? फिलहाल कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से कई नाम चर्चा में हैं. अंतिम फैसला तो चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा. चर्चाओं पर भरोसा करें तो पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं. इनमें प्रीता वर्मा, बी. श्रीनिवासन, जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और कुंदन कृष्णन शामिल हैं. 

कुछ अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम शामिल करने की भी चर्चा

इन अधिकारियों के अलावा चयन प्रक्रिया में अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट में इन पांचो नाम को सबसे अधिक चर्चा में बताया गया है. कुछ वरीय आईपीएस अधिकारियों की रिटायरमेंट की समय सीमा के कारण उनकी स्थिति अलग बताई गई है. वैसे 1995 और 1996 बैच के कुछ एडीजी स्तर के अधिकारियों के नाम भी चयन प्रक्रिया में भेजे जाने की चर्चा है. जानकारी के अनुसार नए डीजीपी का चयन सीधे राज्य सरकार द्वारा किसी एक अधिकारी का नाम घोषित कर नहीं किया जा सकता. इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बतातें हैं कि बिहार सरकार का गृह विभाग 30 साल की सेवा पूरी कर चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल केंद्र सरकार को भेजेगा, इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय और यूपीएससी के स्तर पर विचार विमर्श होगा, फिर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.