पटना से डेढ़ गुना बड़ी होगी पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप, 273 गांव होंगे शामिल
पटना के दक्षिणी क्षेत्र में प्रस्तावित पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी है. योजना में 273 गांव, दो नगर पंचायत और 651 एकड़ का स्पोर्ट्स हब शामिल है.
पटना (PATNA): बिहार की राजधानी पटना के विस्तार की दिशा में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप एक बड़ी परियोजना बन सकती है. सरकार की योजना पटना के दक्षिणी हिस्से में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया शहरी क्षेत्र विकसित करने की है. प्रस्तावित टाउनशिप का दायरा मौजूदा पटना के क्षेत्रफल से करीब डेढ़ गुना बड़ा होने की बात कही जा रही है. मौजूदा पटना का क्षेत्र लगभग 52 हजार एकड़ बताया जाता है, जिसमें दानापुर, खगौल, फुलवारी और संपतचक जैसे इलाके शामिल हैं. नई टाउनशिप का बड़ा आकार भविष्य में राजधानी पर बढ़ते आबादी और आवास के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
273 गांव और दो नगर पंचायत योजना में शामिल
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के प्रस्तावित क्षेत्र में कुल 273 गांवों और दो नगर पंचायतों को शामिल करने की योजना है. इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र के शहरी विकास के दायरे में आने से आसपास के इलाकों में जमीन, आवास और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है.योजना में केवल मकान और आवासीय कॉलोनियां बनाने पर ध्यान नहीं होगा. सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, बाजार, व्यावसायिक केंद्र और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं को भी विकसित करने का प्रस्ताव है.
तीन चरणों में आगे बढ़ेगा विकास
इस मेगा टाउनशिप को एक साथ विकसित करने के बजाय तीन चरणों में आगे बढ़ाने की योजना है. प्रत्येक चरण में आवश्यक बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. चरणबद्ध विकास से नए इलाकों को जरूरत और भविष्य की मांग के अनुसार शहरी ढांचे से जोड़ने में मदद मिल सकती है. परियोजना से आसपास के गांवों में रोजगार और कारोबारी अवसर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है. नई टाउनशिप का प्रमुख आकर्षण करीब 651 एकड़ में प्रस्तावित स्पोर्ट्स हब होगा. यहां ओलंपिक स्तर की खेल और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने की योजना है. परियोजना साकार होने पर पटना और आसपास के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकती हैं.
बिहार में 12 नए शहरों पर भी फोकस
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप बिहार में नए शहरी केंद्र विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है. राज्य में कुल 12 नए शहर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. हालांकि, इतनी बड़ी परियोजना में जमीन, पुनर्वास और स्थानीय लोगों की सहमति अहम मुद्दे रहेंगे. किसानों की ओर से विरोध की खबरें भी सामने आ चुकी हैं. ऐसे में परियोजना की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि विकास के साथ स्थानीय निवासियों की चिंताओं और हितों का किस तरह समाधान किया जाता है.