सम्राट चौधरी ने उद्यमी योजना के लाभार्थियों को सौंपी पहली किस्त,युवाओं को मिला स्वरोजगार का सहारा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में प्रथम किस्त की राशि वितरित की गई और उद्यमिता प्रशिक्षण दिया गया.
पटना(Patna): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनिक लाभार्थियों के एक दिवसीय ओरीएन्टेशन कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. इस कार्यक्रम में स्वरोजगार के नए अवसरों को गति देते हुए किस्त की राशि लाभार्थियों में वितरित की गई. इस कार्यक्रम को लाइव प्रसारित किया गया,जिसका उद्देश पादर्शिता और जन- भागीदारी पर ज़ोर देना रहा.
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत तीन किश्तों में मिलती है राशि
इस कार्यक्रम को बिहार सरकार के मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का एक अहम हिस्सा बताया गया है,साथ ही कार्यक्रम का उद्देश्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों, खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और युवाओं को माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइज शुरू करने के लिए पूंजी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.
बिहार सरकार की इस योजना में लाभार्थियों को परियोजना लागत के आधार पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करने का प्रावधान है,जिसमें लगभग 50 प्रतिशत अनुदान और शेष ब्याज-मुक्त या कम ब्याज वाले ऋण शामिल है. इस योजना में यह राशि आमतौर पर तीन किस्तों में जारी की जाती है जिसमें पहली किस्त इंफ्रास्ट्रक्चर या प्रारंभिक व्यवस्था के लिए, दूसरी मशीनरी/उपकरण के लिए और तीसरी कार्यशील पूंजी के लिए शामिल है.
आज के मुख्य कार्यक्रमों में लाभार्थियों का ओरीएन्टेशन भी है शामिल
आज के कार्यक्रम में चयनित लाभार्थियों को न केवल प्रथम किस्त (प्रथम किस्त) की राशि मिली, बल्कि उद्यमिता विकास से जुड़ा ओरीएन्टेशन भी दिया गया. इस में व्यवसाय प्रबंधन, बैंकिंग प्रक्रिया, लेखांकन, मार्केटिंग, कर संबंधी औपचारिकताएं और परियोजना निष्पादन की व्यावहारिक जानकारी दी गई. इस कार्यक्रम में ओरीएन्टेशन का उद्देश यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लाभार्थी केवल राशि लेकर बैठ न जाएं, बल्कि सफलतापूर्वक इकाई स्थापित कर सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करें.
पलायन को दूर करना है लक्ष – सम्राट चौधरी
आपको बता दें इस पूरे कार्यक्रम कि अध्यक्षता बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कि. उन्होंने उद्यमिता को बिहार की अर्थव्यवस्था का इंजन बताते हुए कहा कि “राज्य में बड़ी संख्या में युवा आबादी है और पारंपरिक रूप से रोजगार के लिए पलायन होता रहा है. इस योजना के माध्यम से राज्य के अंदर ही आय के स्थायी स्रोत बनाने का प्रयास किया जा रहा है”. लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने से प्रक्रिया की जवाबदेही भी बढ़ी.
2018 से चल रही इस योजना ने हजारों लाभार्थियों को दिया अवसर
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2018 से चल रही है और अब तक हजारों लाभार्थियों को लाभ पहुंचा चुकी है. इस योजना के तहत पहले से चयनित और प्रशिक्षित लाभार्थियों को समय-समय पर किस्तें वितरित की जाती रही हैं.
सरकार का फोकस सिर्फ राशि वितरण पर नहीं, बल्कि सफल उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी है.कुछ मामलों में जहां लाभार्थियों ने राशि लेकर इकाई शुरू नहीं की, वहां वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि योजना का दुरुपयोग न हो.
उद्यमी योजना जैसी योजनाओं से स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग (जैसे फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट, रिपेयरिंग यूनिट, पेपर प्लेट निर्माण आदि) खड़े हो रहे हैं. कई सफल लाभार्थी न सिर्फ खुद रोजगार पा रहे हैं, बल्कि दूसरों को भी काम दे रहे हैं.
स्वरोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन नीति का हिस्सा
आज का कार्यक्रम सम्राट चौधरी सरकार की स्वरोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन नीति का हिस्सा है. इसमें औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और युवाओं को राज्य के अंदर अवसर देने जैसे बड़े लक्ष्यों से जुड़ा है. प्रथम किस्त का वितरण कि इस यात्रा को एक बेहद ही महत्वपूर्ण कदम बातया जा रहा है,एक तरह से कागजी स्वीकृति को वास्तविक व्यवसाय में बदलने वाला अवसर भी इसे माना जा सकता है.
इस कार्यक्रम से जुड़े सभी लाभार्थियों से अपेक्षा कि गई है कि वे प्रशिक्षण का सही उपयोग करें, इकाई समय पर शुरू करें और उपयोगिता प्रमाण पत्र आदि प्रक्रियाओं का पालन करें, ताकि अगली किस्तें भी समय पर मिल सकें.
यह कार्यक्रम बिहार को आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम बातया जा रहा है.