तेजस्वी का फूटा गुस्सा, AK-47 और बैरिकेडिंग पर उठाए सवाल

राजभवन मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्यपाल से समय लेने के बावजूद महागठबंधन के नेताओं को राजभवन जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और वहां AK-47 से लैस जवान तैनात किए गए.

तेजस्वी का फूटा गुस्सा, AK-47 और बैरिकेडिंग पर उठाए सवाल

पटना (PATNA): राजभवन मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्यपाल से समय लेने के बावजूद महागठबंधन के नेताओं को राजभवन जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और वहां AK-47 से लैस जवान तैनात किए गए. तेजस्वी ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति बताया.

तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन के सभी विधायक और MLC शांतिपूर्ण तरीके से राजभवन मार्च कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पहले गोली चल चुकी है और अब नेताओं पर गोली चलाना ही बाकी रह गया था.

उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहीं से INDIA गठबंधन की शुरुआत हुई थी. उनके मुताबिक, देश में लोकतंत्र को कोई खत्म नहीं कर सकता. तेजस्वी ने दावा किया कि जनता BJP की कथित बेईमानी को समझ चुकी है और अब उसकी पोल खुल चुकी है.

इस दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने CEC को 'लोकतंत्र का हत्यारा' और 'महाचोर' तक कह दिया. तेजस्वी ने कहा कि उन्हें CEC को इस पद से संबोधित करने में भी शर्म आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक और निष्पक्ष पद पर रहते हुए भी ज्ञानेश कुमार कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं. तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि CEC के प्रेस रिलीज तक अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजे जाते हैं.

तेजस्वी ने बताया कि उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और विपक्षी नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे. तेजस्वी के मुताबिक, झारखंड में भी महागठबंधन आज प्रदर्शन कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल से शिकायत की गई, लेकिन उन्हें राजभवन के बाहर की गई बैरिकेडिंग की जानकारी तक नहीं थी.