छात्रों के समर्थन में गर्दनीबाग पहुंचे तेजस्वी यादव, अधिकारी की कथित टिप्पणी पर भड़के
पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों के समर्थन में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अधिकारियों की कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक बयान देने वाले अधिकारी को माफी मांगनी चाहिए.
पटना (PATNA): बिहार की राजधानी पटना में छात्रों के आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया. इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों तथा समस्याओं को सुना. तेजस्वी यादव ने अधिकारियों की ओर से की गई कथित टिप्पणी को लेकर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.
अधिकारी की कथित टिप्पणी पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को छात्रों या आम लोगों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कथित तौर पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने इस तरह की भाषा का प्रयोग किया है तो उसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी बात सुनी जाए. उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ छात्रों की समस्याओं को समझने की अपील की.
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
धरना स्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बिहार सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि युवाओं और छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए. तेजस्वी यादव की मौजूदगी के दौरान धरना स्थल पर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज नजर आईं. उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से उनकी बात सुनी और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही.
माफी की मांग पर दिया जोर
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में विशेष रूप से अधिकारी की कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. उनके मुताबिक, जिस अधिकारी ने ऐसी टिप्पणी की है, उसे अपनी भाषा के लिए माफी मांगनी चाहिए. पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना और तेजस्वी यादव का वहां पहुंचना अब बिहार की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है. छात्रों की मांगों और प्रशासन के रुख को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.