तेजप्रताप यादव का बड़ा आरोप: धमकी और ब्लैकमेलिंग का दावा, प्रशासन से तत्काल जांच की मांग
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने धमकी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पटना (PATNA): बिहार की राजनीति में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने धमकी और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा गंभीर मामला उठाया है. उनका आरोप है कि एक मोबाइल नंबर के जरिए उन्हें और उनकी पार्टी से जुड़े कई लोगों को कथित तौर पर धमकाया जा रहा है. उन्होंने इस मामले में बिहार सरकार, प्रशासन और जांच एजेंसियों से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए दावा किया कि जनशक्ति जनता दल के लिए सक्रिय रूप से काम करने वाले कई लोगों को फोन के माध्यम से डराने और ब्लैकमेल करने की शिकायतें मिल रही हैं. उनके अनुसार, इनमें महिला और पुरुष दोनों कार्यकर्ता शामिल हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को वीडियो सार्वजनिक या वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. तेजप्रताप ने ऐसे आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच जरूरी है.
प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
JJD प्रमुख ने दावा किया कि संबंधित मोबाइल नंबर को लेकर वह पहले भी सार्वजनिक रूप से शिकायत और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं. इसके बावजूद कथित धमकियों का मामला सामने आने के बाद उन्होंने प्रशासन की अब तक की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं.तेजप्रताप यादव ने पूछा कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और संबंधित नंबर का वास्तविक उपयोगकर्ता कौन है. उन्होंने यह आशंका भी जताई कि मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण तो नहीं है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी हुए बिना किसी व्यक्ति की संलिप्तता को अंतिम रूप से तय करना उचित नहीं होगा.
कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग
तेजप्रताप यादव ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से संबंधित नंबर के कॉल रिकॉर्ड, संदेश तथा अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच करने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच के जरिए नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता और कथित धमकियों के पीछे शामिल लोगों की पहचान होनी चाहिए. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. तेजप्रताप यादव ने कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने या दबाव में आने वाले नहीं हैं. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही. साथ ही सरकार और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेकर जल्द जांच पूरी करने की मांग की.