बिहार दरोगा भर्ती पर अभ्यर्थियों का हल्ला बोल, PET की नई तारीख जल्द जारी करने की मांग
पटना के गर्दनीबाग में दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों ने PET यानी फिजिकल परीक्षा की नई तारीख घोषित करने की मांग को लेकर धरना दिया. अभ्यर्थियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
पटना (PATNA): बिहार की राजधानी पटना में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनों का दौर जारी है. इसी क्रम में गर्दनीबाग धरना स्थल पर दरोगा भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर बैठ गए. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग PET यानी फिजिकल परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित करने की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है.
PET की तारीख घोषित करने की मांग
धरना दे रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए लंबे समय तक मेहनत की है. अब भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने में हो रही देरी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अभ्यर्थियों ने संबंधित आयोग से जल्द स्थिति स्पष्ट करने और फिजिकल परीक्षा की नई तारीख जारी करने की मांग की. अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा. धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.
जांच जल्द पूरी करने की भी उठी मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने भर्ती से जुड़े मामले की जांच समय-सीमा के भीतर पूरी करने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच के नतीजों को स्पष्ट रूप से सामने लाया जाए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच बनी अनिश्चितता खत्म हो सके और भर्ती की आगे की प्रक्रिया शुरू हो. धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने “मेहनती छात्रों को न्याय दो”, “PET की नई तारीख जल्द घोषित करो” और “तैयारी हमारी जारी है, आयोग अब आपकी बारी है” जैसे नारे लगाए. अभ्यर्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की मेहनत और वर्षों की तैयारी का सम्मान करने की भी अपील की.
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा की तैयारी और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में फिजिकल परीक्षा की तारीख में देरी से उनकी चिंता बढ़ रही है. उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारी जल्द निर्णय लेकर PET की नई तारीख घोषित करें. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है.