पटना (BIHAR) : बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. नाराज छात्रों ने आयोग के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, जिससे कार्यालय के अंदर मौजूद कर्मचारी अंदर ही फंस गए जबकि बाहर से आने वाले कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सके. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास शुरू किया.
लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार इंटरमीडिएट (10+2), BSSC CGL-4 और BSO भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उनका आरोप है कि सरकार पिछले तीन वर्षों से केवल आवेदन फॉर्म भरवा रही है, लेकिन अब तक परीक्षाएं आयोजित नहीं कराई गई हैं. इससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.
छात्रों ने संविदा कर्मियों को सरकारी नौकरी में वेटेज देने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि लंबे समय से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के अनुभव को भर्ती प्रक्रिया में उचित महत्व मिलना चाहिए.
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद परीक्षाओं की तिथि घोषित नहीं की जा रही है, जिससे युवाओं में भारी नाराजगी है.
BSSC आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
एक अभ्यर्थी ने कहा, "सरकार सिर्फ तीन साल से फॉर्म भरवा रही है, लेकिन परीक्षा नहीं ले रही है. हम अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. इसी मांग को लेकर आज बिहार कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं."
फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है. समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द परीक्षाओं की तिथि घोषित नहीं की गई और उनकी अन्य मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

