17 सितंबर से बिहार में सेवा समर्पण अभियान, CM सम्राट चौधरी ने तैयारियों पर किया मंथन
मुख्यमंत्री सचिवालय में CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा समर्पण अभियान की तैयारियों पर चर्चा की गई.अभियान के तहत स्कूलों, सरकारी भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर विशेष जोर रहेगा.
पटना (PATNA) : बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा और विकास से जुड़े कार्यक्रमों की व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में राज्य सरकार के कई मंत्री और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
सेवा समर्पण अभियान की तैयारियों की समीक्षा
बैठक का मुख्य एजेंडा 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा समर्पण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करना रहा. अभियान के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा, जनकल्याण और विकास से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. अभियान में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया.
स्कूल से आंगनबाड़ी केंद्र तक होंगे विकास कार्य
बैठक में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसरों की स्थिति सुधारने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई.जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर से 30 मार्च तक बिहार के स्कूलों, सरकारी भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प को लेकर अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत संबंधित परिसरों में जरूरी मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि अभियान के माध्यम से सार्वजनिक संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को अधिक उपयोगी और बेहतर बनाया जाए.
शाम 7 बजे जलाए जाएंगे ‘आशीर्वाद के दीप’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम की भी तैयारी की गई है. शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद के दीप’ जलाए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इसके माध्यम से सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश देने की तैयारी है. मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई बैठक में अधिकारियों को अभियान से जुड़े कार्यक्रमों को तय योजना के अनुसार जमीन पर उतारने के निर्देश दिए गए. सरकार का फोकस अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास और कायाकल्प से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर है.
17 सितंबर से शुरू होने वाला सेवा समर्पण अभियान राज्य में सरकारी संस्थानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.