बिहार के स्कूलों में अब रातभर पहरा! CCTV कैमरों से रखी जाएगी नजर,पढ़ें पूरी खबर

बिहार के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए रात्रि प्रहरी तैनात किए जाएंगे और CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मॉडल स्कूलों, बच्चों के आधार कार्ड, शिक्षक प्रशिक्षण और वेतन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लिए गए।

बिहार के स्कूलों में अब रातभर पहरा! CCTV कैमरों से रखी जाएगी नजर,पढ़ें पूरी खबर

पटना (PATNA): बिहार के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है. स्कूल परिसरों की रात में निगरानी के लिए रात्रि प्रहरी तैनात करने के साथ CCTV कैमरों की व्यवस्था मजबूत की जाएगी. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों के आधार कार्ड और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई.

मॉडल स्कूलों से शुरू होगी सुरक्षा व्यवस्था

नई सुरक्षा व्यवस्था को शुरुआती चरण में मॉडल स्कूलों में लागू करने की तैयारी है. सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में रात्रि प्रहरी तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पेशेवर सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं लेने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.

CCTV से स्कूल परिसरों पर रखी जाएगी नजर

स्कूलों में मौजूद भवन, उपकरण और दूसरे संसाधनों की सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है. विभाग का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे स्कूल बंद होने के बाद भी परिसर की निगरानी हो सके. आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों के लिए अन्य सरकारी विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश भी दिया गया.

विद्यार्थियों के आधार कार्ड पर सख्त निर्देश

बैठक के दौरान स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनने में आ रही समस्याओं का मामला उठा. शिक्षा मंत्री ने इस पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द समाधान करने का निर्देश दिया. सभी पात्र विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनवाने पर जोर दिया गया, जिससे सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलने में परेशानी न हो.

700 प्रधानाध्यापकों को मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य के 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा हुई. ज्ञान भवन में होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान ‘शिक्षक समाधान पोर्टल’ और ‘मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल’ शुरू करने की तैयारी है.

शिक्षकों के वेतन और नियमों पर भी मंथन

बैठक में संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के वेतन भुगतान, वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं, सातवें वेतनमान और नियोजित शिक्षकों की नियमावली से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई. शिक्षा क्षेत्र में CSR के जरिए सहयोग बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया.
इसके अलावा बक्सर में गुरुकुलम विद्यापीठ के लिए पांच एकड़ जमीन, विभिन्न संस्थानों के साथ प्रस्तावित सहयोग और शिक्षकों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन जैसे विषयों की समीक्षा की गई. विभाग का जोर स्कूलों को सुरक्षित बनाने के साथ उनकी प्रशासनिक और डिजिटल व्यवस्था को बेहतर करने पर है.