पटना में ई-रिक्शा के लिए बदलेगा नियम, जोन और तय रूट पर ही चलेंगे वाहन,जानिए पूरी डिटेल

पटना में ई-रिक्शा संचालन के लिए नई परमिट व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर ई-रिक्शा के रूट तय किए जाएंगे और परमिट के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होगा.

पटना में ई-रिक्शा के लिए बदलेगा नियम, जोन और तय रूट पर ही चलेंगे वाहन,जानिए पूरी डिटेल

पटना (PATNA): पटना की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने की तैयारी है. परिवहन विभाग ई-रिक्शा के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए इन्हें भी परमिट व्यवस्था के दायरे में लाने की दिशा में काम कर रहा है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद चालक को निर्धारित जोन और रूट के अनुसार ही ई-रिक्शा चलाना होगा. अभी तक पटना शहरी क्षेत्र में ई-रिक्शा को परमिट से छूट मिलने के कारण इनके लिए निश्चित रूट की बाध्यता नहीं थी. प्रस्तावित व्यवस्था के बाद यह स्थिति बदल सकती है.

तीन प्रमुख जोन में बांटा जाएगा शहर

ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए पटना शहरी क्षेत्र को मुख्य रूप से पीला, हरा और नीला जोन में बांटने की योजना है. प्रत्येक जोन में वाहनों के लिए अलग-अलग क्षेत्र और रूट निर्धारित किए जाएंगे. इसके अलावा सफेद जोन रिजर्व वाहनों के लिए रखा जाएगा. जिस चालक को जिस जोन और रूट का परमिट मिलेगा, उसे उसी सीमा के भीतर वाहन चलाना होगा.

ड्राइविंग लाइसेंस के बिना नहीं मिलेगा परमिट

नई परमिट व्यवस्था में ई-रिक्शा चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होगा. परमिट के लिए चालक की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष निर्धारित की गई है. यानी इससे कम उम्र के चालक परमिट के पात्र नहीं होंगे.परिवहन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत की बात यह है कि परमिट के लिए फिलहाल कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है. वहीं सीएनजी ऑटो के परमिट के लिए 2,150 रुपये और पेट्रोल-डीजल ऑटो के लिए 2,650 रुपये शुल्क का प्रावधान बताया गया है.

ऑनलाइन करना होगा परमिट के लिए आवेदन 

जोनवार परमिट जारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था तैयार की जाएगी. आवेदन के दौरान चालक की उम्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच होगी. पात्रता पूरी होने के बाद निर्धारित नियमों के तहत परमिट जारी किया जाएगा. परमिट व्यवस्था लागू होने के बाद चालक के लिए तय जोन और रूट का पालन करना जरूरी होगा. निर्धारित सीमा से बाहर ई-रिक्शा चलाने पर संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकता है. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ई-रिक्शा पर रोक लगाना नहीं, बल्कि उनके संचालन को व्यवस्थित करना है. इससे शहर के व्यस्त इलाकों में वाहनों का दबाव नियंत्रित करने और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.