राजद एमपी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिख हस्तक्षेप करने की मांग की, आईपीएस ने भेजा है 5 करोड़ का मानहानि नोटिस

भोजपुर में भरत तिवारी के चर्चित कथित एनकाउंटर मामले को लेकर उठाए सवाल और आरोप को लेकर अब आईपीएस कुंदन कृष्णन ने बक्सर सांसद को नोटिस भेजा है. इस मामले में संसद ने लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप करने की मांग की है,

राजद एमपी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिख हस्तक्षेप करने की मांग की, आईपीएस ने भेजा है 5 करोड़ का मानहानि नोटिस

पटना: बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने आईपीएस कुंदन कृष्णन की तरफ से मिले मानहानि के नोटिस का मामला अब लोकसभा अध्यक्ष के संज्ञान में लाया है. सांसद सुधाकर सिंह ने आईपीएस अधिकारी के द्वारा भेजे गए मानहानि नोटिस का संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए संसद की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है. उन्होंने मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए तथा नोटिस को अपने संसदीय कामकाज और जनहित के मुद्दे उठाने के अधिकार से जोड़ा है.

मामले को जोड़ा संसदीय अधिकार से

सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में बताया है कि बीते जून महीने में भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस ने एक युवक भरत तिवारी की कथित एनकाउंटर की थी जिसमें आरोपी एसटीएफ जवान के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी की गई. साथ ही बिहार सरकार ने मामले को लेकर न्यायिक कमिटी भी गठित की गई है. मृतक की मां के बयान पर एक मामला भी दर्ज की गई थी. उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच समिति की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है. सांसद ने कहा कि जांच केवल उन पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, जो सीधे घटना से जुड़े बताए जा रहे हैं. उन्होंने उस समय के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल करने की मांग की है. सांसद के अनुसार, घटना के समय कुंदन कृष्णन बिहार एसटीएफ के महानिदेशक थे. इसलिए आदेश किस स्तर पर दिए गए, अधिकारियों के बीच क्या बातचीत हुई और पुलिस मुख्यालय को कब तथा क्या जानकारी मिली, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए. हालांकि, किसी अधिकारी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही तय किया जा सकता है.

कहा जनहित में मुद्दा उठाना संसदीय अधिकार

मामले को लेकर सांसद ने दावा किया कि संभव है कि उन्हें संसद में मामला उठाने से रोकने के लिए नोटिस भेजी गई है. सांसद ने अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए कहा कि संसद सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने और संसदीय जिम्मेदारियां निभाने की स्वतंत्रता से जुड़ा संरक्षण प्राप्त है. इसी आधार पर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले को देखने का आग्रह किया है. अब यह तय होना बाकी है कि लोकसभा अध्यक्ष इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और क्या मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाता है. 

कुंदन कृष्णन पर उठाए थे सवाल

बता दें कि जून महीने में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में सांसद सुधाकर सिंह ने पुलिस और एसटीएफ के संबंधित अधिकारियों के साथ वरीय अधिकारियों की जांच करने की भी बात कही थी. उन्होंने एसटीएफ के तत्कालीन डीजी कुंदन कृष्णन पर भी कई आरोप लगाए थे जिसके बाद आईपीएस ने उन्हें पांच करोड़ रुपए मानहानि का नोटिस भेजते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है साथ ही चेतावनी दी है कि अगर माफी नहीं मांगी तो फिर मुकदमा करेंगे.