पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट का बढ़ता खतरा, सुरक्षा उपायों के बावजूद बनी चुनौती

पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की बढ़ती घटनाओं ने विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. वर्ष 2025 में नौ मामले दर्ज हुए.एयरपोर्ट के आसपास खुले कचरे, जलजमाव, मांस-मछली के अवशेष और जंगली घास को पक्षियों के आकर्षित होने की प्रमुख वजह माना जा रहा है.

पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट का बढ़ता खतरा, सुरक्षा उपायों के बावजूद बनी चुनौती

पटना(PATNA):राजधानी पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाएं विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. वर्ष 2025 में एयरपोर्ट पर बर्ड हिट के नौ मामले दर्ज किए गए थे. हाल की घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की मौजूदगी को नियंत्रित करने की जरूरत को सामने ला दिया है.

एयरपोर्ट के आसपास गंदगी बढ़ा रही परेशानी 

एयरपोर्ट के आसपास खुले में पड़ा कचरा, जलजमाव और खाद्य अवशेष पक्षियों को आकर्षित करने वाले प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. विशेष रूप से मांस और मछली की दुकानों से निकलने वाले अवशेष चील जैसे बड़े पक्षियों को भोजन उपलब्ध कराते हैं. ऐसे पक्षियों का रनवे और उड़ान मार्ग के करीब पहुंचना विमानों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है.

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर 

विमान परिचालन को सुरक्षित बनाने के लिए एयरफील्ड एनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई. इसमें एयरपोर्ट के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर करने, खुले कचरे को हटाने, जलजमाव रोकने और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी पर जोर दिया गया.एयरपोर्ट के ऑपरेशनल क्षेत्र में पक्षियों को दूर रखने के लिए विशेष कर्मचारियों की तैनाती भी की जाती है. ये बर्ड चेजर्स फायर क्रैकर्स, स्केयर गन्स और अन्य उपकरणों की मदद से पक्षियों को रनवे से हटाने का काम करते हैं. टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है.

मॉनसून में बढ़ जाती है चुनौती 

बरसात के मौसम में रनवे के आसपास उगने वाली घास भी समस्या बढ़ा सकती है. घास में कीड़े-मकौड़ों की संख्या बढ़ने से पक्षी भोजन की तलाश में एयरपोर्ट की तरफ आने लगते हैं. इसलिए मानसून के दौरान नियमित रूप से घास काटना और परिसर की सफाई करना बर्ड स्ट्राइक रोकने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

मांस-मछली की दुकानों पर नियंत्रण जरूरी 

एयरपोर्ट के आसपास खुले में मांस-मछली की बिक्री रोकने पर पहले भी चर्चा और निर्णय हो चुके हैं. इसके बावजूद फुलवारीशरीफ समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में इस समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है. इसी तरह गर्दनीबाग के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन को स्थानांतरित करने और जलजमाव खत्म करने की दिशा में भी ठोस प्रगति जरूरी है. इन समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट का जोखिम कम करना एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा.