बिहार में और बेहतर होगी बिजली व्यवस्था,सभी ट्रांसफार्मर की हेल्थ चेकअप शुरू,ऑनलाइन दर्ज होगा डेटा
ऊर्जा विभाग राज्य में विद्धुत आपूर्ति को और बेहतर करने के दिशा में एक नई पहल की है. जिससे सभी ट्रांसफार्मर की जांच की जाएगी और इसकी रिपोर्ट डिजिटल एप में दर्ज होगी. साथ ही ट्रांसफार्मर में हुई खराबी और सुधार का पूरा डेटा ऑनलाइन मौजूद रहेगा.
पटना:ऊर्जा विभाग राज्य में विद्धुत आपूर्ति को और बेहतर करने के दिशा में एक नई पहल की है. जिससे सभी ट्रांसफार्मर की जांच की जाएगी और इसकी रिपोर्ट डिजिटल एप में दर्ज होगी. साथ ही ट्रांसफार्मर में हुई खराबी और सुधार का पूरा डेटा ऑनलाइन मौजूद रहेगा. इस अभियान की शुरुआत भी कर दी गई है. हैडक्वाटर से मिशन मोड में डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है. इस पहल से आने वाले दिनों में बिहार की बिजली व्यवस्था और भी बेहतर हो जाएगी.
ऊर्जा विभाग ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है. इसके तहत राज्यभर में स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों (DTRs) का व्यापक हेल्थ चेकअप अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में ट्रांसफार्मरों की तकनीकी स्थिति की जांच के साथ सामने आने वाली खामियों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार तत्काल सुधार करने की कार्रवाई की जा रही है.
इस अभियान की खास बात यह है कि ट्रांसफार्मर की जांच से लेकर खामी और उसके निराकरण तक की पूरी जानकारी ऐप पर अपडेट की जा रही है. डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के हेल्थ चेकअप की डिस्कॉम ,सर्किल एवं डिवीजन के स्तर मॉनिटरिंग की जा रही है.
प्रत्येक ट्रांसफार्मर की जांच और उस पर किए गए सुधारात्मक कार्यों की जानकारी निर्धारित ऐप के माध्यम से अपडेट की जा रही है. इससे फील्ड में किए जा रहे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी के साथ-साथ प्रगति की स्पष्ट तस्वीर भी उपलब्ध हो रही है. इससे विभाग के अधिकारियों को यह जानकारी लगातार मिल सकेगी कि किस क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मरों का हेल्थ चेकअप हुआ, कितनों में खामियां मिलीं और कितने मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई पूरी कर ली गई है.
तकनीकी खामियों की होगी समय रहते पहचान
हेल्थ चेकअप के दौरान ट्रांसफार्मरों के ऑयल लेवल, कनेक्शन, बुशिंग, अर्थिंग, तापमान, लीकेज, केबल, बैट्री, ट्रिपिंग कॉइल, वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (VCB), बस बार की कंडिशन एवं अन्य तकनीकी मानकों की जांच की जा रही है. जांच के दौरान किसी प्रकार की खामी मिलने पर उसे ऐप पर दर्ज किया जा रहा है तथा संबंधित टीम द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है.
अभियान का उद्देश्य केवल ट्रांसफार्मर की वर्तमान स्थिति का आकलन करना ही नहीं, बल्कि संभावित खराबियों की पहले ही पहचान कर उन्हें गंभीर समस्या बनने से रोकना है.
खराबी से पहले पता चलेगा ट्रांसफार्मर का हाल
विभाग का फोकस ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद उसे बदलने या ठीक करने के बजाय खराबी की संभावना को पहले ही पहचानने पर है. नियमित हेल्थ चेकअप से कमजोर स्थिति वाले ट्रांसफार्मरों की पहचान समय रहते की जा सकेगी. इससे अचानक ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाओं को कम करने और बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी.
ऐप के जरिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग
डिस्कॉम द्वारा विकसित डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस डिस्कॉम, सर्किल और डिवीजन में कितने डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों का हेल्थ चेकअप पूरा हुआ, कितने ट्रांसफार्मरों में खामियां मिलीं और कितने मामलों में सुधारात्मक कार्य पूरा किया गया. इस व्यवस्था से फील्ड स्तर पर किए जा रहे कार्यों की प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जा सकेगा. साथ ही लंबित मामलों की पहचान कर उनके शीघ्र निराकरण पर भी फोकस किया जा सकेगा.
मंत्री ने कहा और बेहतर होगी व्यवस्था
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि डिस्कॉम द्वारा डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के नियमित हेल्थ चेकअप की पहल निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच और समय पर मेंटेनेंस से विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ संभावित तकनीकी खराबियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा. राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है और इस दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी से बिजली आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान को कम करने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. यह पहल विद्युत वितरण तंत्र को अधिक सक्षम और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
हेल्थ चेकअप की मॉनिटरिंग
ऊर्जा सचिव सह अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक BSPHCL अजय यादव (भा. प्र.से) ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर के हेल्थ चेकअप की हैडक्वाटर से डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है. विभाग का उद्देश्य खराबी के बाद मरम्मत के बजाय तकनीकी खामियों की समय रहते दुरुस्त करना है.राज्यभर में चल रहे डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर हेल्थ चेकअप अभियान को डिजिटल मॉनिटरिंग से जोड़ा गया है. जांच में मिली खामियों और उनके निराकरण की जानकारी ऐप पर दर्ज की जा रही है, जिससे डिस्कॉम, सर्किल और डिवीजन स्तर पर रियल टाइम निगरानी तथा लंबित मामलों का त्वरित निराकरण संभव होगा. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्यभर में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति को और बेहतर बनाना है.
उन्होंने कहा कि इस पहल से नियमित देखभाल व प्रिवेंटिव मेंटेनेंस को बढ़ावा मिलेगा, ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली
ऊर्जा विभाग के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर विद्युत वितरण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इनकी नियमित जांच और समय पर मेंटेनेंस से संभावित तकनीकी खराबियों को कम किया जा सकता है. हेल्थ चेकअप अभियान के माध्यम से ट्रांसफार्मरों की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.