पटना (PATNA): बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, कृषि एवं मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है. कैबिनेट ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड की सहायक कंपनियों नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन के लिए मुख्य अभियंता के दो तथा विद्युत अधीक्षण अभियंता के दो नए पदों के सृजन को मंजूरी दी. मधुबनी जिले में मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अनाज भंडारण साइलो की स्थापना हेतु 83.25 करोड़ रुपये के निजी निवेश को स्वीकृति दी गई. इस परियोजना से 109 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 164.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा. भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में 31.20 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया. इससे मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे. औरंगाबाद के नवीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को मंजूरी दी गई. यहां पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा तथा 38 पदों का सृजन किया जाएगा. युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन को सुदृढ़ बनाने के लिए 19 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई, जिससे युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा.