जमुई कांड पर गरमाई सियासत, उमेश कुशवाहा के ‘छिटपुट घटना’ वाले बयान पर मचा बवाल
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. मामले पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के “छिटपुट घटना” वाले बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है
पटना (PATNA): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है. घटना ने एक तरफ महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है, तो दूसरी तरफ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मौका दे दिया है. घटना 19 सितंबर की शाम की है. जमुई-लखीसराय रोड पर स्कूटर से जा रहे दो नाबालिग छात्र-छात्राओं को कुछ युवकों ने कथित तौर पर रोक लिया. वायरल वीडियो में छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और उसे पकड़ने की कोशिश करते लोग दिखाई दे रहे हैं. घटना सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.
पुलिस ने दर्ज की FIR, तीन आरोपी गिरफ्तार
वीडियो वायरल होने के बाद जमुई पुलिस ने पीड़ितों तक पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है. पुलिस की कार्रवाई के बावजूद घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब मांग रहा है.
उमेश कुशवाहा के बयान पर विवाद
इसी बीच जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से जब जमुई की घटना को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर कोई “छिटपुट घटना” घटती है तो सरकार संवेदनशील है. उन्होंने यह भी कहा कि घटना होने पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. कुशवाहा ने अपने बयान में 2005 से पहले के बिहार की कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया. हालांकि घटना के संदर्भ में “छिटपुट” शब्द के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. जमुई की घटना और उसके बाद सामने आए बयान को विपक्ष ने महिला सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है. अब यह मामला केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया है. वायरल वीडियो, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है.