बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती पर बवाल! CM आवास घेराव से पहले पुलिस ने अभ्यर्थियों को खदेड़ा,कई हिरासत में

शुक्रवार को सीएम आवास घेराव की योजना बनाई गई थी लेकिन उससे पहले पुलिस ने कार्रवाई की. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती और फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांधी मैदान में प्रदर्शन और जुलूस शुरू होने से पहले ही पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने अभ्यर्थियों को हटाना शुरू कर दिया.

बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती पर बवाल! CM आवास घेराव से पहले पुलिस ने अभ्यर्थियों को खदेड़ा,कई हिरासत में

पटना (PATNA): जिले में बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर है. इसी को लेकर आज शुक्रवार को सीएम आवास घेराव की योजना बनाई गई थी लेकिन उससे पहले पुलिस ने कार्रवाई की. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती और फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांधी मैदान में प्रदर्शन और जुलूस शुरू होने से पहले हीहटाना शुरू कर दिया. इस दौरान गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में भी लिया.

बता दें, बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों पर योग्य पुरुष उम्मीदवारों को मौका दिया जाए. अभ्यर्थियों का कहना है कि महिला उम्मीदवारों को निर्धारित सीटें देने के बाद अगर सीटें खाली रह जाती हैं, तो भर्ती नियमों के तहत उन्हें संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाना चाहिए.

अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से डाकबंगला चौराहे तक कलश यात्रा और पैदल मार्च निकालने की योजना बनाई थी. इसके लिए वे छठ पूजा की परंपरा के अनुसार सूप, कलश और तिरंगा लेकर जुटने वाले थे. हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी. ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग इलाके में धरना दे रहे हैं.

पुलिस के मुताबिक, पटना में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सख्ती बरती गई. एएसपी टाउन ने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों को जमा नहीं होने दिया जा रहा है, ताकि आम लोगों को जाम की परेशानी न हो. फिलहाल, दोनों समूहों की मांगों पर सरकार के फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है. खाली सीटों पर नियुक्ति का फैसला संबंधित भर्ती नियमों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा.