पटना में आज PhD धारकों का राजभवन मार्च, सहायक प्राध्यापक बहाली समेत कई मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन
पटना में PhD धारक अभ्यर्थी और शोधार्थी सहायक प्राध्यापक की नियमित बहाली, UGC रेगुलेशन 2018 की टेबल 3A, आयु सीमा 55 वर्ष और डोमिसाइल नीति समेत कई मांगों को लेकर राजभवन मार्च करेंगे.
पटना (PATNA): बिहार में सहायक प्राध्यापकों की नियमित और स्थायी बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर PhD धारक अभ्यर्थियों और शोधार्थियों का आंदोलन तेज हो गया है. आंदोलनकारी पटना के वीर कुंवर सिंह पार्क, आर ब्लॉक में जुटे हैं, जहां से राजभवन की ओर मार्च करने की तैयारी है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
बताया जा रहा है कि PhD धारक अभ्यर्थी पिछले 18 दिनों से अनशन पर बैठे हैं. अब अपनी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए उन्होंने राजभवन मार्च का फैसला किया है.
UGC रेगुलेशन 2018 की टेबल 3A लागू करने की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में सहायक प्राध्यापक की बहाली में UGC रेगुलेशन 2018 की टेबल 3A लागू करना शामिल है. अभ्यर्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया में इस प्रावधान को लागू किया जाना चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उचित अवसर मिल सके.
इसके साथ ही अभ्यर्थी सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं.
डोमिसाइल नीति और नियमित बहाली की मांग
प्रदर्शनकारी बिहार के विश्वविद्यालयों में अस्थायी नियुक्तियों के साथ नियमित और स्थायी बहाली सुनिश्चित करने की मांग भी उठा रहे हैं. उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को व्यवस्थित और नियमित किया जाना चाहिए.
आंदोलनकारियों की मांगों में डोमिसाइल नीति लागू करना भी शामिल है. इसके अलावा बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर भी मांग उठाई गई है.
अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन का मुद्दा
अभ्यर्थियों की मांग है कि विश्वविद्यालयों में लंबे समय से कार्यरत अतिथि शिक्षकों का 65 वर्ष की आयु तक सेवा समायोजन किया जाए. उनका कहना है कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और रोजगार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस दिशा में निर्णय लेना चाहिए.
नियमित एवं स्थायी सहायक प्राध्यापक बहाली, आयु सीमा में बदलाव, डोमिसाइल नीति और अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन जैसी मांगों को लेकर आज का राजभवन मार्च किया जा रहा है. आंदोलनकारियों की नजर अब सरकार और राजभवन की ओर से उनकी मांगों पर मिलने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी.