68 साल बाद बिहार राज्य भंडार निगम में स्थाई नियुक्ति, 15 अभ्यर्थी को मंत्री दिया नियुक्ति पत्र

68 साल बाद बिहार राज्य भंडार निगम में स्थाई नियुक्ति, 15 अभ्यर्थी को मंत्री दिया नियुक्ति पत्र

पटना(PATNA): राज्य की सम्राट सरकार रोजगार और नियुक्ति को लेकर संवेदनशील है. लंबे समय से जिस पद पर कोई नियुक्ति नहीं की गई. उसे भी अब भरने का काम शुरू किया गया है. बिहार राज्य भंडार निगम के पी.सी.डी.ओ. में 68 साल के बाद नियमित नियुक्ति की गई. खुद मंत्री राम कृपाल यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है.      

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मंत्री ने दी शुभकामनाएं

इस मौके पर मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवनियुक्त कर्मियों के बिहार राज्य भंडार निगम में चयन से निगम की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में और अधिक मजबूती आएगी. वर्ष 1958 के बाद पहली बार बिहार राज्य भंडार निगम में नियमित नियुक्ति प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई है. यह केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निगम के इतिहास का एक स्वर्णिम क्षण है. वर्षों से लंबित इस प्रक्रिया का पूरा होना युवाओं के लिए अवसर सृजन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमाण है.

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नव-नियुक्त कर्मियों से आह्वान

मंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें. उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका केवल कार्यालयी कार्यों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी.

मंत्री ने यह भी कहा कि यह नियुक्ति  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित रोजगार सृजन एवं युवा सशक्तिकरण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला कदम है. साथ ही बिहार में सुशासन, पारदर्शिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी यह सशक्त उदाहरण है.

रिक्त पदों की पूर्ति नहीं, बल्कि निगम में नई ऊर्जा, नए विश्वास और नई कार्य संस्कृति की शुरुआत

 मंत्री ने इस ऐतिहासिक भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए बिहार राज्य भंडार निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं, बल्कि निगम में नई ऊर्जा, नए विश्वास और नई कार्य संस्कृति की शुरुआत है.

एफ. सी.आई.. कृषि और स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण अंग

कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव  धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि बिहार राज्य भंडार निगम राज्य के भीतर भंडारण से संबंधित सभी जरूरतों को पूरा करता है. यह एफ. सी.आई.. कृषि और स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों के लिए भंडारण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है. लगातार प्रयास से इसके कार्यों को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है. आज के समय में संस्था का लाभ बढ़ा है. आने वाले समय में आई.बी.पी.एस. के माध्यम से नियुक्ति कर बिहार भंडार निगम में कर्मियों की कमी को पूरा किया जाएगा. भंडारण के आयाम बदल रहे हैं, राज्य में कोल्ड चेन और कोल्ड स्टोरेज की जरूरत है. इस तरह की जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा.

अगले माह सहायक और तकनीतिक सहायक के बाद पर होगी नियुक्ति  

बिहार राज्य भंडार निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन ने कहा कि बिहार राज्य भंडार निगम में सहायक, तकनीकी सहायक जैसे 11 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. अगले माह तक द्वितीय चरण में नियुक्ति प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा.

बिहार राज्य भंडार निगम, भारत सरकार के केन्द्रीय भंडारण निगम एवं बिहार सरकार का संयुक्त लोक उपक्रम है, जो वेयरहाउसिंग अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित होता है तथा बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित राज्य भंडारण एजेंसी के रूप में कार्यरत है.

आई.बी.पी.एस., मुंबई के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा

निगम के विभिन्न भंडारगृहों में आरक्षित खाद्यान्नों के रख-रखाव एवं मानव संसाधन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निदेशक पर्षद के निर्णय के आलोक में पी.सी.डी.ओ. के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी. रोस्टर क्लीयरेंस सहित सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत आई.बी.पी.एस., मुंबई के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई. संपूर्ण चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न की गई.

कार्यक्रम में सचिव, सहकारिता विभाग  धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां  रजनीश कुमार, अपर सचिव, सहकारिता विभाग  अभय कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भंडार निगम, डॉ गगन सहित विभाग एवं निगम के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे.