पटना (PATNA) : बिहार की राजधानी पटना स्थित ISKCON मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया जब मंदिर में आतंकी घुसने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पटना पुलिस अलर्ट हो गई और पूरे मामले की जानकारी तुरंत एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को दी गई. कुछ ही देर में ATS और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और ऑपरेशन शुरू किया गया.
फायरिंग का अभ्यास भी किया गया
मॉक ड्रिल के दौरान यह दिखाया गया कि एक आतंकी मंदिर में घुसकर पुजारी को अपने कब्जे में ले लेता है और कई लोगों को बंधक बना लेता है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके को घेरकर ऑपरेशन शुरू करती हैं. कार्रवाई के दौरान फायरिंग का अभ्यास भी किया गया, जिसमें आतंकी को मार गिराने का दृश्य प्रस्तुत किया गया. इस दौरान कई पुलिसकर्मियों और ATS के जवानों के घायल होने का भी अभ्यास कराया गया.
यह पूरी घटना एक मॉक ड्रिल थी
हालांकि बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना एक मॉक ड्रिल थी. इसका उद्देश्य किसी भी आतंकी हमले या बंधक जैसी आपात स्थिति में पुलिस और ATS की तैयारी, समन्वय और त्वरित कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण करना था.
कार्रवाई करने में मदद मिलती है
एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि इस अभ्यास का मकसद सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करना और भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को और मजबूत बनाना है. इस तरह की मॉक ड्रिल से पुलिस और सुरक्षा बलों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तरीके से कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

