बिहार में अब जिला अस्पतालों में होगी हड्डी की सर्जरी, इलाज के लिए शहर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत

बिहार में अब जिला अस्पतालों में होगी हड्डी की सर्जरी, इलाज के लिए शहर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):बिहार सरकार की ओर से आए दिन राज्य के लोगों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े-बड़े फैसले लिए जा रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जिन्हें इलाज के लिए शहर जाना पड़ता है. अब बिहार के जिला और अनुमंडल अस्पतालों में हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज की व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं मजबूत किया जा रहा है. राज्य के ऐसे अस्पतालों में, जहां ऑर्थोपेडिक्स ऑपरेशन थिएटर (OT) हैं, उन्हें हाईटेक बनाया जाएगा. इससे हड्डी के इलाज के लिए लोगों को शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अब जिला अस्पतालों में ही हड्डी रोग की सर्जरी होगी, जिससे सड़क हादसों, फ्रैक्चर, खेल के दौरान लगी चोट और हड्डी से जुड़ी अन्य समस्याओं का आधुनिक तरीके से इलाज हो सकेगा. मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर सर्जिकल सुविधा मिल सकेगी.

जिला अस्पतालों में तेजी से चल रहा है काम

इसी दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों के आकलन का निर्देश दिया है. इसके साथ ही अस्पतालों से आवश्यक उपकरणों की सूची भी मांगी गई है. जिन जिला और अनुमंडल अस्पतालों में हड्डी रोग की सर्जरी शुरू की जानी है, वहां जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि जल्द ही लोगों को यह सुविधा अपने जिले में मिल सके. सरकार की इस योजना से उन सभी लोगों को लाभ मिलेगा, जो पैसे के अभाव या किसी अन्य परेशानी की वजह से शहर जाकर हड्डी का इलाज नहीं करा पा रहे थे. अब उन्हें अपने जिले में ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. जिन अस्पतालों में इलाज की सुविधा शुरू होनी है, उनका आकलन किया जा रहा है और जहां जिन उपकरणों की जरूरत है, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा.

अब लोगों को शहर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी

ग्रामीण और जिला स्तर के अस्पतालों में इलाज की सुविधा मजबूत होने के बाद लोगों को बार-बार शहर या बड़े अस्पतालों एवं संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इससे एक तरफ लोगों की परेशानी और आने-जाने का खर्च कम होगा, वहीं दूसरी तरफ बुजुर्गों और बच्चों को भी सफर की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. खासकर सड़क दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हाथ-पैर में फ्रैक्चर या गंभीर चोट लगने पर लंबी दूरी का सफर करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार की सुविधा मिलने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी. अस्पतालों में ऑर्थोपेडिक अटैचमेंट, OT टेबल, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, इलेक्ट्रिकल सक्शन मशीन, ऑटोक्लेव, 12-चैनल ईसीजी मशीन, इन्फ्यूजन पंप, सी-आर्म (C-Arm) मशीन, आर्थोस्कोपी सिस्टम, क्रैश कार्ट, ट्रॉली और IV स्टैंड सहित कई जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

हाईटेक तरीके से जिला अस्पताल में होगा इलाज

आपको बता दें कि सी-आर्म मशीन और आर्थोस्कोपी सिस्टम हड्डी और जोड़ों से संबंधित सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से अस्पतालों में हड्डी रोग की सर्जरी के लिए जरूरी तकनीकी क्षमता भी बढ़ जाएगी. जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं, उससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगेगा और उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी.