बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों के लिए न्याय और पारदर्शी परीक्षा की मांग

बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों के लिए न्याय और पारदर्शी परीक्षा की मांग

पटना (PATNA) :बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन पटना में विधानसभा परिसर के बाहर विपक्षी दलों के विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेताओं और विधायकों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उनका कहना था कि छात्रों को पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और न्याय मिलना चाहिए.

विधानसभा पोर्टिको के बाहर धरने पर बैठ विपक्षी विधायक

विपक्षी विधायक विधानसभा के पोर्टिको के बाहर धरने पर बैठ गए. उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर "छात्रों को न्याय दो", "पारदर्शी परीक्षा कराओ" और "छात्रों का सम्मान करो" जैसे नारे लिखे हुए थे. प्रदर्शन के दौरान "भाजपा हटाओ, देश बचाओ" के नारे भी लगाए गए.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

विपक्ष ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. विधायकों का आरोप था कि लगातार परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों की समस्याओं के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है

धरने पर बैठे विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र जब अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं तो पुलिस प्रशासन उनके साथ सख्ती करता है. उन्होंने पुलिस द्वारा छात्रों पर कार्रवाई बंद करने की मांग की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है.

विपक्षी विधायकों ने सरकार से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, छात्रों की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

सरकार को मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए

विधानसभा के बाहर हुए इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गर्म रहा. बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. विपक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन छात्रों के हित में है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.