पटना (BIHAR) : बिहार विधान परिषद के बाहर विपक्ष ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. विपक्षी दलों के नेताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की.
सरकार "हिटलरशाही" के रास्ते पर चल रही है
विपक्ष का कहना था कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार "हिटलरशाही" के रास्ते पर चल रही है और छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
वर्तमान सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
इस दौरान बिहार विधान परिषद के सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस तरह वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया था.उसी तरह मौजूदा छात्र आंदोलन भी सरकार के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन बन सकता है. उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन का परिणाम भी सत्ता परिवर्तन के रूप में सामने आएगा और वर्तमान सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
विधान परिषद परिसर के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन के कारण कुछ देर तक माहौल गरमाया रहा. बड़ी संख्या में विपक्षी नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए. पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है. विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है.

