रक्षाबंधन पर पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेड़ को बांधा रक्षा सूत्र, वृक्ष संरक्षण का दिया संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन और बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस के अवसर पर पटना की राजधानी वाटिका में वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधा और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
पटना (PATNA): राजधानी पटना में रक्षाबंधन के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का खास संदेश दिया गया. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' के मौके पर राजधानी वाटिका पहुंचकर एक वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधा. इसके जरिए पेड़-पौधों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजधानी वाटिका परिसर में पौधारोपण भी किया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि जिस तरह इंसान अपने रिश्तों और प्रियजनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी तरह प्रकृति और पेड़-पौधों की सुरक्षा भी जरूरी है.
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण पर जोर
लगातार बदलती जलवायु और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के बीच वृक्षों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है. पेड़ न केवल वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद करते हैं, बल्कि बढ़ते तापमान और पर्यावरण असंतुलन के प्रभाव को कम करने में भी अहम योगदान देते हैं.बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा के लिए भी प्रेरित किया जाता है. केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है.
2012 में हुई थी बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस की शुरुआत
बिहार में वृक्षों के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2012 को रक्षाबंधन के अवसर पर 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' की शुरुआत की गई थी. इसके पीछे विचार था कि रक्षा सूत्र के प्रतीकात्मक महत्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर लोगों में पेड़ों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए. इसके बाद रक्षाबंधन के अवसर पर वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संदेश देने की परंपरा को बढ़ावा मिला. इस पहल के माध्यम से पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण को लेकर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है.
जलवायु परिवर्तन से निपटने में पेड़ महत्वपूर्ण
जलवायु परिवर्तन आज दुनिया के सामने बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में शामिल है. बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और पर्यावरणीय असंतुलन इसके प्रमुख प्रभावों में गिने जाते हैं. ऐसे में बड़े पैमाने पर पौधारोपण के साथ मौजूदा वृक्षों को बचाना भी जरूरी है. राजधानी वाटिका में आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर यही संदेश दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रह सकती. आम लोगों की भागीदारी से ही वृक्ष संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है.