रक्षाबंधन पर पटना में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को महिलाओं ने बांधी राखी, दी शुभकामनाएं
पटना में रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को महिलाओं ने राखी बांधी. निशांत कुमार ने भी उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और स्नेह के लिए आभार जताया.
पटना (PATNA): रक्षाबंधन के अवसर पर पटना में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ महिलाओं ने भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व मनाया. इस दौरान ईश्वरी चंद प्रजापति से जुड़ी महिलाओं ने निशांत कुमार की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की. निशांत कुमार ने भी महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया.
राखी बांधकर की सुख-समृद्धि की कामना
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को राखी बांधी. कार्यक्रम के दौरान उत्साह और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला. महिलाओं ने राखी बांधने के साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य, सफलता और खुशहाली की कामना की. निशांत कुमार ने राखी बांधने वाली महिलाओं का धन्यवाद किया और उन्हें इस पावन पर्व की बधाई दी. उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर मिले स्नेह और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया.
पटना में रक्षाबंधन को लेकर दिखा उत्साह
राजधानी पटना समेत बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक तरीके से मनाया गया. बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की. वहीं भाइयों ने भी बहनों को शुभकामनाएं और उपहार देकर उनके प्रति अपने स्नेह को व्यक्त किया.निशांत कुमार के साथ आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में भी इसी पारिवारिक और सामाजिक भावना की झलक दिखाई दी. महिलाओं द्वारा राखी बांधने का अवसर खास रहा और त्योहार की खुशियां साझा की गईं.
भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में शामिल है. यह पर्व केवल भाई और बहन के पारिवारिक रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आपसी सम्मान, सुरक्षा, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देता है. राखी का धागा स्नेह और विश्वास के मजबूत रिश्ते का प्रतीक माना जाता है.पटना में निशांत कुमार को महिलाओं द्वारा राखी बांधने और उनकी ओर से रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दिए जाने के साथ यह अवसर उत्साहपूर्ण रहा. कार्यक्रम के जरिए त्योहार की परंपरा और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी सामने आया.