अब तो बैलेट से भी हार गए! अराजकता फैलाकर सत्ता में नहीं आ सकता विपक्ष, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष ने विपक्ष पर कसा तंज
बिहार विधान परिषद चुनाव समाप्त होते ही जदयू ने एक बार फिर बांग्लादेश के साथ फरक्का जल संधि का मुद्दा उठाया. उन्होंने विपक्ष और कांग्रेस पर भी जोरदार तंज कसा और कहा कि सत्ता अराजकता से नहीं, वोट से ही बदला जा सकता है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी को बड़ी नसीहत भी दी.
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव समाप्त होते ही जदयू ने एक बार फिर बांग्लादेश के साथ फरक्का जल संधि का मुद्दा उठाया है. इसे लेकर जदयू कल एक मैराथन करने जा रही है. अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के साथ अन्याय है. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष और कांग्रेस पर भी जोरदार तंज कसा और कहा कि सत्ता अराजकता से नहीं, वोट से ही बदला जा सकता है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी को बड़ी नसीहत भी दी.
फरक्का जल संधि बिहार के साथ अन्याय
मीडिया से बात करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि 1996 में हुई इस संधि में बिहार के हिस्से का पानी वह कहीं और भेज दिया गया. इस बात को हमलोग लगातार उठाते आए हैं. आज इसे लेकर जल संसाधन विभाग का एक सेमिनार भी आयोजित की जा रही है जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हो रहे हैं. इस मामले में यात्रा के चार जिले जो बचे हैं वह भी हम 2 नवंबर से शुरू कर रहे हैं. हमारी पार्टी के साथी जागरूकता के लिए एक दौड़ प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं . हमलोग इसे लेकर लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं. हमारी कोशिश है कि इस वर्ष फरक्का जल संधि विस्तारीकरण न हो, या अगर हो भी तो बिहार के हिस्से का पानी रखने के बाद ही कोई बात हो.
वोट से जीत नहीं पाएंगे, फैलाना चाहते हैं अराजकता
इस दौरान संजय झा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी दलों की बैठक को लेकर कहा कि अब तो बैलेट के चुनाव में भी वह लोग हार गए, इससे पता चलता है कि कांग्रेस किस स्थिति में है. ये लोग अराजक स्थिति बना रहे हैं, इनके साथ ऐसे लोग जुड़े हैं जो बांग्लादेश और अन्य देशों वाली स्थिति भारत में करने चाहते हैं. इन लोगों को पता है कि वोटिंग में जीत नहीं पाएंगे तो बिना वोट के देश में सत्ता पलटना चाहते हैं. जब ये लोग जीतते हैं तो फिर ठीक है लेकिन जब हार जाते हैं तो कहते हैं गड़बड़ है. अब जनता उन्हें बार बार आईना दिखा रही है और ये लोग अराजकता फैला रहे हैं वह नहीं चलने वाली है. संजय झा ने खड़गे के आंदोलन जारी रखने के बयान पर कहा कि करते रहे न, कौन रोका है. ये लोग नरेंद्र मोदी से तीसरी बार चुनाव हारे हैं, राज्य दर राज्य लगातार हार ही रहे हैं. ये लोग जिस बैलेट की बात करते हैं उसमें भी हार रहे हैं. इनके पास अब कोई मुद्दा ही नहीं बचा है इस वजह से भाषा भी खराब हो रही है. किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भाषा ऐसी होती है क्या? ये लोग दूसरे देशों की तरह माहौल खराब कर सत्ता बदलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन ऐसा यहां नहीं हो सकता है. सत्ता में आना है तो लोगों के बीच जाएंज विश्वास बनाएं, अराजकता से कुछ हासिल नहीं होने वाला है.
गठबंधन के बावजूद खिलाफ में लड़ते हैं चुनाव
संजय झा ने कांग्रेस की रैली में राजद नेता तेजस्वी यादव के शामिल होने के सवाल पर कहा कि बिल्कुल जाएं. यहां वे लोग खिलाफ में लड़ते हैं. गठबंधन होने के बावजूद खिलाफ में रहते हैं और इन्हें पता भी है कि क्या स्थिति है. बैलेट के चुनाव में भी उनकी स्थिति देख रहे हैं, अब पहले वाली स्थिति तो है नहीं कि बूथ कब्जा कर जीत लेंगे. अब पहले वाली स्थिति नहीं है, लोग स्वतंत्र हो गए हैं और जिसे मन में आता है उसी को वोट डालते हैं.
एमएलसी चुनाव में हार की समीक्षा करेगी जदयू
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एमएलसी चुनाव को लेकर समीक्षा करने के सवाल पर कहा कि हमलोग 5 नवंबर को बैठेंगे, और समीक्षा करेंगे कि चुनाव में कहां कमी रही तकि उसे ठीक किया जा सके. उन्होंने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जदयू के कार्यक्रम को लेकर कहा कि वहां हमारा मजबूत आधार रहा है. उत्तर प्रदेश में हमारा संगठन भी मजबूत रहा है, 1 नवंबर को वहां बड़ा कार्यक्रम है. उस कार्यक्रम में राज्य के प्रभारी और मंत्री श्रवण कुमार, निशांत कुमार और मैं भी जा रहा हूं. यह कार्यकर्ताओं का सम्मेलन है और उसी दिन तय करेगी कि उत्तर प्रदेश में पार्टी चुनाव लड़ेगी या नहीं.