बिहार में अब सबको नहीं मिलेगी 125 यूनिट मुफ़्त बिजली, सीएम सम्राट ने यूपी से तुलना कर कहा...

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को 125 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की घोषणा की थी.

बिहार में अब सबको नहीं मिलेगी 125 यूनिट मुफ़्त बिजली, सीएम सम्राट ने यूपी से तुलना कर कहा...

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को 125 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की घोषणा की थी. योजना को अमलीजामा भी पहनाया गया जिसकी देश ही नहीं विदेशों तक चर्चा होती है. लेकिन अब मुफ्त बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक झटके भरी ख़बर है. हालांकि इस खबर की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि मुफ्त में मिलनी वाली 125 यूनिट बिजली पर ग्रहण लग सकता है.

सक्षम लोग छोड़ सकते हैं सब्सिडी

दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट ने राज्य के सक्षम लोगों से अपील की है कि अगर चाहें तो हर महीने मिलने वाली 125 यूनिट मुफ़्त बिजली की सुविधा छोड़ सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अनुदान के बड़ा से राशि दान करने का भी आग्रह किया. सीएम सम्राट का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उपयोग किया जायेगा.

शिक्षा व्यवस्था की जाएगी दुरुस्त

सीएम सम्राट ने राज्य की बिजली व्यवस्था की तुलना उत्तर प्रदेश से की और कहा कि राज्य में करीब 1.92 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है जिसमें सरकार करीब 23 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है. ऐसे में अगर सरकार अपनी सब्सिडी छोड़ते हैं तो उसका अतिरिक्त कार्यों में उपयोग किया जा सकता है.

यूपी से की तुलना

सीएम सम्राट ने बिहार और उत्तर प्रदेश की बिजली सब्सिडी में तुलना भी बताई और कहा कि यूपी में करीब दो गुना बिजली उपभोक्ता होने के बावजूद सरकार सब्सिडी पर महज 6 हजार करोड़ रूपये खर्च कर रही है जबकि बिहार में यह राशि 23 हजार करोड़ रूपये है. अगर सक्षम लोग अपनी सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ते हैं तो बची हुई राशि का उपयोग शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में उपयोग किया जा सकता है.

हालांकि इस दौरान सीएम सम्राट ने इस योजना को खत्म करने जैसी कोई बात नहीं की बल्कि उन्होंने सक्षम लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की और कहा कि अगर हमारे पास रुपए बचते हैं तो हम उसका उपयोग दूसरे जनोपयोगी योजना में कर सकते हैं वहीं इस योजना का लाभ भी गरीब और वैसे जरूरतमंद लोगों को मिलता रहेगा जिन्हें इसकी सच में आवश्यकता है.