नीतीश, संजय या..., अनंत सिंह को पार्टी से बाहर किए जाने के पीछे कौन?

पिछले तीन दिनों से अनंत सिंह के विरुद्ध कार्रवाई का मुद्दा राजनीतिक जगत में हलचल तेज है. मामले में मीडिया ने जब ललन सिंह से सवाल किया तो उन्होंने संजय झा की तरफ इशारा कर दिया

नीतीश, संजय या..., अनंत सिंह को पार्टी से बाहर किए जाने के पीछे कौन?

पटना: पिछले 3 दिनों से बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के ऊपर पार्टी की कार्रवाई का मुद्दा काफी चर्चा में है. पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बाद सबसे पहले जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर किया तो अब उनके विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है. जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की अनुशंसा की है तो इसके साथ ही अनुशंसा के आधार पर मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की 20 सूत्री समिति की सदस्यता रद्द कर दी. इसके बाद उनकी राज्यमंत्री का दर्जा खत्म होते ही अब भवन निर्माण विभाग ने भी आवास खाली करने का नोटिस दे दिया है. अनंत सिंह के ऊपर लगातार हो रही कार्रवाई के बाद अब सवाल उठने लगा है कि वह पार्टी के कई शीर्ष नेताओं के करीबी हैं बावजूद इसके किसके इशारे पर कार्रवाई की जा रही है.

संजय झा के सामने ललन सिंह ने कहा

सोमवार को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह एक साथ दिखे जिसके बाद मीडिया ने उनसे सवाल कर दिया. मीडिया के सवालों के बाद दोनों नेता एक साथ आगे बढ़ गए. ललन सिंह जब अपनी कार में बैठने लगे तो उन्होंने संजय झा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र में आता है, पूछ लीजिए. संजय झा ने इस मामले में सवाल किए जाने पर चुप्पी साध ली. 

ललन सिंह के करीबी हैं अनंत सिंह

बता दें कि अनंत सिंह को ललन सिंह का करीबी माना जाता है. विधान परिषद चुनाव के दौरान भी जब अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध करना शुरू किया था उन्हें शांत करने के लिए संजय झा ने ललन सिंह को जिम्मेदारी दी थी. अनंत सिंह के साथ बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा भी था कि वह अब पार्टी विरोधी बयान नहीं देंगे लेकिन कुछ दिन बाद ही अनंत सिंह फिर बयानबाजी करने लगे थे. अनंत सिंह ने तो मीडिया के एक सवाल के जवाब में ललन सिंह के बारे में पूछ बैठे थे कि कौन है ललन सिंह, हम नहीं जानते हैं.

विधानसभा चुनाव में ललन सिंह ने संभाली थी प्रचार की कमान

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव हत्याकांड में जब अनंत सिंह जेल चले गए थे तो ललन सिंह ने चुनाव की कमान संभाली थी और अंतिम समय तक प्रचार में जुटे रहे थे. इसके साथ ही कहा जाता है कि लोकसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने भी चुनाव प्रचार किया था. अब दिल्ली में ललन सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की चुप्पी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर किसके इशारे पर यह कार्रवाई की गई.