वैशाली में लगेगा बौद्ध धर्म का महाकुंभ:इतिहास रचेगा बिहार, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की तैयारी में जुटा विभाग
बिहार की धरती पर बौद्ध धर्म का कुम्भ लगने वाला है. जिससे दुनिया में वैशाली अपनी अलग पहचान बनाएगा. आने वाले दिनों में बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में वैशाली की पहचान होने वाली है.राज्य में पहली बार 11 से 13 दिसंबर 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन 2026 का आयोजन होने वाला है.
पटना: बिहार की धरती पर बौद्ध धर्म का कुम्भ लगने वाला है. जिससे दुनिया में वैशाली अपनी अलग पहचान बनाएगा. आने वाले दिनों में बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में वैशाली की पहचान होने वाली है.राज्य में पहली बार 11 से 13 दिसंबर 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन 2026 का आयोजन होने वाला है. इस कार्यक्रम में देश दुनिया के हजारों बौद्ध भिक्षुओं, धर्मगुरुओं और 14 अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों पहुंचेंगे. कार्यक्रम को लेकर सरकार अलर्ट है. मुख्य सचिव ने सम्मेलन को लेकर एक बड़ी बैठक की है.
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
इस आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए विभाग लगातार एक्टिव हो कर काम कर रहा है. सम्मेलन को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक संपन्न हुई. इस समीक्षा बैठक में वैशाली के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं , वहीं पर्यटन विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
म्यांमार, थाईलैंड, लाओस से पहुंचेंगे लोग
मुख्य सचिव एवं विकास आयुक्त ने आयोजन स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सुगम आवागमन के लिए सड़कों के मरम्मत, निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ साथ अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों व मेडिकल टीमों की तैनाती के कड़े निर्देश दिए हैं. म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, जापान और दक्षिण कोरिया सहित कई देशों के पूज्य बौद्ध भिक्षुओं, धर्मगुरुओं और 14 अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है. पटना एयरपोर्ट और पटना जंक्शन पर 24/7 सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे.
वैशाली में बन रही टेंट सिटी
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और प्रतिनिधियों के लिए वैशाली में एक अत्याधुनिक "टेंट सिटी" बनाई जा रही है, जिसमें सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. 3 दिवसीय इस समागम में अंतर्राष्ट्रीय और राज्य के ख्यातिलब्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, त्रिपिटक पाठ, बौद्ध विरासत पर विचार-विमर्श, हेरिटेज वॉक तथा बिहार के हस्तशिल्प की विशाल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन बिहार को वैश्विक पर्यटन एवं बौद्ध अध्यात्म के मानचित्र पर एक नए शिखर पर स्थापित करेगा. वैशाली प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सभी अंतर-विभागीय कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं ताकि दुनिया भर से आने वाले मेहमान बिहार की समृद्ध संस्कृति और आतिथ्य का अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें.