बिहार में डबल एक्शन: NEET में 9 डमी कैंडिडेट गिरफ्तार, एनकाउंटर केस में 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार में डबल एक्शन: NEET में 9 डमी कैंडिडेट गिरफ्तार, एनकाउंटर केस में 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

पटना (PATNA) : बिहार में NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों से 9 डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे. इस मामले में एक मूल अभ्यर्थी, एक मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े 18 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है. वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में लापरवाही पाए जाने पर पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

बिहार में दो अलग-अलग मामलों को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पहला मामला NEET परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित है.

ADG लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने बताया कि NEET की दोबारा कराई गई परीक्षा में लखीसराय जिले से डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया है. जांच के दौरान तीन परीक्षा केंद्रों से कुल 9 डमी कैंडिडेट गिरफ्तार किए गए हैं. ये लोग असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल थे. मामले में एक मूल अभ्यर्थी संजीत कुमार और गया मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार अर्पित राज इस पूरे रैकेट का मुख्य संचालक (सेटर) था और उसी के जरिए डमी कैंडिडेट की व्यवस्था की गई थी.

जांच के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं. पुलिस ने इस मामले में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़े 18 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है. इन पर परीक्षा में फर्जीवाड़े को बढ़ावा देने और नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे.

वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भी पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है. ADG लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. जांच में पाया गया कि आरोपी को 16 तारीख को संभालने और उसकी निगरानी करने में लापरवाही बरती गई थी.

इस लापरवाही के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. एक थाना प्रभारी (SHO), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.