पटना (BIHAR) : राष्ट्रीय जनता दल के बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार और पूर्वी चंपारण प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 3 जुलाई 2026 को वह पिपराकोठी में किसानों की जमीन पर प्रस्तावित वाटर पार्क के विरोध में आयोजित किसान सभा में शामिल होने गए थे. इसी कार्यक्रम में भाग लेने के कारण उनके और उनके 24 सहयोगियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, लूटपाट, सरकारी कार्य में बाधा और 35 हजार रुपये की कथित पॉकेटमारी जैसे गंभीर आरोप लगाकर FIR संख्या 361/26 दर्ज की गई.
कानून और प्रोटोकॉल के खिलाफ
सुधाकर सिंह ने कहा कि सभा स्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद था, लेकिन यदि उनके द्वारा कोई अपराध किया गया था तो उसी समय उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें करीब एक घंटे तक बिना मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के रोके रखा गया जो कानून और प्रोटोकॉल के खिलाफ है.
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई सवाल पूछते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने यह भी पूछा कि सरकारी काम में बाधा का मामला होने के बावजूद FIR किसी निजी व्यक्ति की ओर से क्यों दर्ज कराई गई.
सरकारी लगान भी जमा करते आ रहे हैं
सांसद ने दावा किया कि पिपराकोठी की जिस भूमि को प्रशासन अतिक्रमण बता रहा है, उस पर किसान करीब 95 वर्षों से काबिज हैं और नियमित रूप से सरकारी लगान भी जमा करते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सकी, लेकिन वाटर पार्क जैसी परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करने में तेजी दिखा रही है. उन्होंने मोतिहारी में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का भी आरोप लगाया.
मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
सुधाकर सिंह ने मांग की कि उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज FIR तत्काल वापस ली जाए. किसानों की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई रोकी जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

