पटना(PATNA): भीषण गर्मी के बीच आम जनता को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने सख्त रुख अपनाया है. पूर्णिया प्रक्षेत्र की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में किसी भी स्थिति में जलापूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए और सभी बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी की जाए.
बैठक में जलापूर्ति योजनाओं, पेयजल आपूर्ति की स्थिति, ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान और जनशिकायतों के निष्पादन की विस्तृत समीक्षा की गई. मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल पेयजल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं, इसलिए उनकी कार्यशीलता बनाए रखना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी जलापूर्ति योजना में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने ऑपरेटरों के लंबित मानदेय भुगतान पर भी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी भुगतान समय पर सुनिश्चित किए जाएं, ताकि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए. उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों की भूमिका जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है.
इसके साथ ही CGRC (Centralized Grievance Redressal Cell) और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. भीषण गर्मी को देखते हुए मंत्री ने जलापूर्ति समय में भी बदलाव के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सुबह और शाम की जलापूर्ति अवधि में एक-एक घंटे की वृद्धि की जाए, ताकि नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले 5 अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. इसके अलावा वरिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों को हर सप्ताह क्षेत्रीय निरीक्षण अनिवार्य रूप से करना होगा. प्रधान सचिव राजेश कुमार, अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे.