तेज प्रताप यादव को मंत्री संजय सिंह का 50 करोड़ की मानहानि का नोटिस, आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
पटना में राजनीतिक विवाद ने कानूनी रूप ले लिया है.बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव को कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. यह कदम तेज प्रताप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है.
पटना(PATNA) : बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव और राज्य के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. तेज प्रताप यादव की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मंत्री संजय सिंह ने उन्हें कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में आरोपों को झूठा और आधारहीन बताते हुए उन पर आपत्ति जताई गई है.
प्रेस कांफ्रेंस के बाद तेज हुआ मामला
इस पूरे विवाद की शुरुआत तेज प्रताप यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुई. उन्होंने मीडिया के सामने मंत्री संजय सिंह को लेकर कई गंभीर दावे किए थे. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया.तेज प्रताप के आरोपों पर अब मंत्री संजय सिंह की तरफ से कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया गया है. उन्हें भेजे गए नोटिस में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर लगाए गए आरोपों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है.
50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा
मंत्री संजय सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया गया है. उनका पक्ष है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और इनसे उनकी सार्वजनिक छवि तथा प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.हालांकि, कानूनी नोटिस भेजे जाने का अर्थ यह नहीं है कि मानहानि का दावा अदालत में सिद्ध हो गया है. यदि मामला न्यायालय तक पहुंचता है तो दोनों पक्षों के दावों, जवाबों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.
बिहार की सियासत में बढ़ी हलचलल
तेज प्रताप यादव और संजय सिंह के बीच यह टकराव ऐसे समय सामने आया है जब बिहार की राजनीति में विभिन्न मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं. 50 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस के बाद अब इस विवाद के राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी आगे बढ़ने की संभावना है. फिलहाल नजर इस बात पर रहेगी कि तेज प्रताप यादव कानूनी नोटिस पर क्या जवाब देते हैं और अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखते हैं. वहीं, संजय सिंह की ओर से आगे कोई अतिरिक्त कानूनी कदम उठाया जाता है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है.