बिहार की धरती में छिपे खनिजों का होगा इस्तेमाल, खनन से खुलेंगे उद्योग और रोजगार के रास्ते
बिहार सरकार 44 खनिज ब्लॉकों के सर्वे और आवंटन की प्रक्रिया तेज करेगी. सरकार का लक्ष्य खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक इस्तेमाल से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में खनिज संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की खनिज संपदा का इस्तेमाल राज्य की जनता के हित और विकास के लिए किया जाएगा. खनिज संसाधनों के किसी भी तरह के दुरुपयोग को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी. पटना के होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से महत्वपूर्ण और सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी और एनएमईएमडीटीसी की कार्यशाला आयोजित की गई. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे कराया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि रिकॉर्ड 9 महीने के अंदर इन खनन ब्लॉकों को शुरू करने की दिशा में जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.

बिहार में कई जगह मौजूद हैं खनिज संसाधन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 44 कोल ब्लॉकों में से 28 ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है. सरकार का लक्ष्य है कि 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक कोल ब्लॉकों का आवंटन किया जाए. इसके बाद 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल की जाएगी.सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में खनिज संसाधनों की कमी नहीं है. रोहतास में लाइमस्टोन, औरंगाबाद में मिनरल बेल्ट, जबकि जहानाबाद और जमुई में मैग्नेटाइट जैसे खनिज संसाधन मौजूद हैं. इसके अलावा गया, बांका और भागलपुर में भी खनिजों के बड़े भंडार हैं.सरकार इन संसाधनों का बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करना चाहती है. इससे बिहार में नए उद्योग लगने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.

खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का इस्तेमाल जनता के हित और राज्य के विकास के लिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का इस्तेमाल बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा. साथ ही खनन के दौरान राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खनन गतिविधियों की वजह से किसी महत्वपूर्ण विरासत को नुकसान न पहुंचे.मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में खनिज केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. सरकार नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने निवेशकों से बिहार में निवेश करने की अपील की. उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जरूरी रियायतें और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.
निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट बढ़कर 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये हो गया है. राज्य में कई बड़ी विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल बिहार की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में मदद कर सकता है.कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.सरकार की इस पहल से आने वाले समय में बिहार में खनन, उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. सरकार का जोर खनिज संसाधनों के पारदर्शी और वैज्ञानिक इस्तेमाल के जरिए बिहार को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने पर है.