पटना (PATNA) :राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के फायरब्रांड प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी से मुलाकात की. इस दौरान मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने अपनी परेशानियों और शिकायतों को कई बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया था, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया. इसी वजह से वे आहत हुए और आखिरकार पार्टी छोड़ने का फैसला लिया.
यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने संगठन के भीतर अपनी बात रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि जब बार-बार अपनी बात रखने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, तब उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा. उनका कहना है कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है.
काफी दुखी और निराश थे मृत्युंजय तिवारी
इस्तीफे के बाद हुई मुलाकात पर राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि मृत्युंजय तिवारी काफी दुखी और निराश थे. उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने मृत्युंजय तिवारी को सलाह दी कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मिलकर अपनी बात रखें. सिद्दीकी ने कहा कि बातचीत से कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है और उन्होंने तिवारी से जल्द ही लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करने का आग्रह किया है.
राजद के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम
मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे को राजद के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है. पार्टी के सक्रिय और मुखर प्रवक्ता के रूप में उनकी पहचान रही है. ऐसे में उनके इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के बाद कोई नया राजनीतिक मोड़ आता है या मृत्युंजय तिवारी अपने फैसले पर कायम रहते हैं.

