पटना: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. शाम 5 बजे हुई इस बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, ऊर्जा और शहरी सुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार के फैसलों में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास से लेकर छात्रों की उच्च शिक्षा, सौर ऊर्जा और शहरी कचरा प्रबंधन तक कई बड़े निर्णय शामिल हैं.
बैठक में चार प्रमुख नगर निकायों—गयाजी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दी गई. इसके लिए संबंधित नगर निकायों में 10-10 एकड़ जमीन 25 वर्षों के लिए निःशुल्क उपयोग हेतु उपलब्ध कराई जाएगी. इन प्लांटों की स्थापना क्रमशः इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, गेल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा की जाएगी.
युवाओं के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. सात निश्चय-3 के तहत ‘दोगुना रोजगार-दोगुना आय’ कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन के कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है. चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए करीब 430.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी ITI में नामांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. निजी ITI की कुल स्वीकृत सीटों में से 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के माध्यम से कराया जाएगा.
बिजली के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अधीन विभिन्न ग्रिड उपकेंद्र कार्यालयों के लिए 221 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है.
वहीं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार सरकार आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्र की सहायता के अतिरिक्त राज्य की ओर से 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट, अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता देगी. यह राशि DBT के माध्यम से दी जाएगी. इसके लिए एक वर्ष में अनुमानित 1,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला हुआ है. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2026-27 से 2030-31 तक विस्तारित करने की मंजूरी दी गई है. चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 950 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
इसके अलावा राज्य के 300 से अधिक एकल B.Ed. शिक्षक शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों में बदलने और उनका शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. सरकार के इन फैसलों को शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

