पटना में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार
पटना में ढाई करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी APK के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार.
पटना में ढाई करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी APK के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार.
पटना (PATNA): पटना में साईबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह कार्रवाई ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सीसीएसयू से मिले इनपुट के आधार पर की. गिरफ्तार आरोपियों के पास से जेडीयू का झंडा लगी एक चार पहिया गाड़ी भी बरामद की गई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर करीब ढाई करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े होने का आरोप है.
डीएसपी सह साइबर थाना प्रभारी संगीता ने बताया कि पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति ने कंपनी के नाम पर बड़ी रकम की ठगी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की. जांच के दौरान साइबर ठगी के एक ऐसे नेटवर्क का पता चला, जो लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने और फर्जी APK फाइल भेजकर उनके साथ धोखाधड़ी करने का काम करता था.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में गौरव को गिरोह का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. आरोप है कि उसने कस्टम के नाम पर एक कंपनी बनाई थी और खुद को उसका डायरेक्टर बताया. इसी कंपनी की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लिया जाता था. इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरीकों से साइबर अपराध के जाल में फंसाकर पैसे की ठगी की जाती थी.
जांच में यह भी सामने आया कि पश्चिम बंगाल के एक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगी की गई थी. सीसीएसयू पटना की साइबर टीम से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने गौरव के साथ आदर्श और अमन राज को भी गिरफ्तार कर लिया.
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों और मामलों के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है.